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असदुद्दीन ओवैसी सत्ता सम्मेलन, संविधान और विदेश नीति पर सवाल
24 Mar 2026
भारतीय संविधान पर ओवैसी का भाषण: सत्ता सम्मेलन में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 24 मार्च को केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश संविधान के अनुसार ही चलेगा, किसी की मनमर्जी से नहीं। ओवैसी ने भारतीय लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की अहमियत पर जोर देते हुए बीजेपी की हिंदुत्व विचारधारा का विरोध किया।
असदुद्दीन ओवैसी सत्ता सम्मेलन
असदुद्दीन ओवैसी सत्ता सम्मेलन में कहा कि भारत अब तेल खरीदने के लिए अमेरिका से इजाजत मांग रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, "तेल खरीद पर अमेरिका आदेश देने वाला कौन है?" उन्होंने वर्तमान विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी भारत में आकर भी भारत के खिलाफ बातें करते हैं, और भारत इसके बावजूद प्रतिक्रिया नहीं देता। इसके अलावा, ईरान पर हालिया घटनाओं में भारत की प्रतिक्रिया को भी उन्होंने धीमी करार दिया।
मुस्लिम पहचान और भारत की विविधता
असदुद्दीन ओवैसी सत्ता सम्मेलन में यह भी कहा कि भारत में मुसलमान किसी अन्य ग्रह से नहीं आए हैं, बल्कि हम सब इसी धरती के निवासी हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत सभी का है और किसी को भी देशभक्ति के प्रमाण पत्र देने का अधिकार नहीं।
गंगा मामले पर सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने बनारस में गंगा नदी में खाने की घटना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो गंगा में भोजन करने से रोकता हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लोगों को राजनीतिक कारणों से फंसाया गया और गुमराह किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर सवाल
ओवैसी ने पीएम मोदी के इजराइल दौरे पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि जब पहले से ही संभावित युद्ध का अंदेशा था, तो वहां जाने का निर्णय क्यों लिया गया। उन्होंने बताया कि यात्रा के बाद ही क्षेत्र में संघर्ष शुरू हुआ और इसके कारण भारत को तेल संकट का सामना करना पड़ा।
इस्लाम और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
ओवैसी ने कहा कि इस्लाम किसी का निजी मामला नहीं है। उन्होंने फिलिस्तीन पर बल देते हुए कहा कि मुसलमान अल-अक्षा मस्जिद की सुरक्षा के लिए चिंता करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत जिन देशों से तेल खरीदता है, वहां पैसे देकर ही करता है, फ्री में नहीं।
राजनीतिक समीकरण और अखिलेश पर टिप्पणी
ओवैसी ने यूपी के राजनीतिक परिदृश्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को आलोचनात्मक दृष्टि से देखा और कहा कि उसमें मुसलमानों की कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के साथ आने की बात पर बिहार में उन्हें गालियां दी गईं, और भविष्य में इसी तरह आरोप लगाए जा सकते हैं।
इस तरह सम्मेलन में ओवैसी ने देश के संविधान, धार्मिक तटस्थता, विदेश नीति और राजनीतिक समीकरण पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।
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