भारत, बांग्लादेशी प्रवासियों की स्वदेश वापसी: दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें हिरासत में लेने का अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशों के बाद यह अभियान नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। मंत्रालय ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या शरणार्थियों की पहचान, पुष्टि और हिरासत में लेने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत दिल्ली पुलिस ने 15 नवंबर 2024 से 20 अप्रैल 2025 तक लगभग 220 अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ा और उन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को सौंपा। इसके बाद इन्हें पूर्वी राज्यों के रास्ते बांग्लादेश भेजा गया।
भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस अभियान की गति और बढ़ा दी गई। और भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी के तौर पर पहचाने गए करीब 500 लोगों को अगले एक महीने में हिरासत में लिया गया। जून 2025 से फरवरी 2026 तक दिल्ली पुलिस ने 1,589 अवैध बांग्लादेशियों और 55 रोहिंग्या शरणार्थियों को हिरासत में लिया और उन्हें अगरतला-बांग्लादेश सीमा के रास्ते वापस भेजा।
जिला वार आंकड़े
2025 में अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारी के मामले दिल्ली के बाहरी जिले में सबसे अधिक (386) दर्ज किए गए। इसके बाद दक्षिण-पूर्वी जिले (287), उत्तर-पश्चिमी (249), उत्तरी (194), दक्षिणी (191), बाहरी-उत्तरी (183), दक्षिण-पश्चिमी (168), मध्य (140), पश्चिमी (148), पूर्वी (118), द्वारका (99), शाहदरा (80), रोहिणी (71), उत्तर-पूर्वी (57) और नई दिल्ली (20) हैं।
कंपनी और मजदूरी नेटवर्क की जांच
अधिकारी बताते हैं कि अधिकतर अवैध प्रवासी हरियाणा और राजस्थान की सीमावर्ती इलाकों में अधिकांश भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी ईंट भट्ठों में मजदूरी कर रहे थे। पुलिस ने उनके ठेकेदार और सहयोगियों की पहचान कर तलाशी अभियान चलाया और उन्हें हिरासत में लिया।
वापसी के लिए विशेष इंतजाम
शुरुआत में पुलिस डिस्ट्रिक्ट्स के DCPs की निगरानी में पकड़े गए लोगों को ट्रेन से पश्चिम बंगाल ले जाया गया और बस से BSF चौकियों तक पहुंचाया गया। पहलगाम हमले के बाद उन्हें हिंडन एयर बेस से अगरतला तक विशेष विमानों के माध्यम से भेजा गया। अब तक 1,589 अवैध बांग्लादेशी इसी तरह वापस लौटाए गए हैं।
कानूनी कार्रवाई और निगरानी
अवैध घुसपैठ, जाली दस्तावेज़ और नौकरी मुहैया कराने वाले नेटवर्क की जांच के लिए दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने कई FIR दर्ज की हैं और चार्जशीट भी दायर की हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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