Article

नरेंद्र मोदी का लोकसभा में भाषण, विपक्ष के सवालों का भी जवाब

 23 Mar 2026

पीएम मोदी का संसद में बयान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में मिडिल ईस्ट के हालात पर विस्तृत बयान देंगे। बीजेपी नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस भाषण में भारत की कूटनीतिक भूमिका, क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा संसाधनों और व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभाव पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करेंगे।


नरेंद्र मोदी का लोकसभा में भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में भाषण ऐसे समय पर हो रहा है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मूज स्ट्रेट और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में रुकावटें उत्पन्न हो रही हैं। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारत की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं। खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार द्वारा ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जो अभी भी जारी है।

सुरक्षा और आपूर्ति पर ध्यान

रविवार को प्रधानमंत्री ने उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें पेट्रोलियम, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तैयारियों का आकलन किया गया। करीब 3.30 घंटे चली इस बैठक में पीएम ने स्पष्ट किया। और यह तैयारी नरेंद्र मोदी का लोकसभा में भाषण को ध्यान में रखकर की गई ताकि देश में जमाखोरी और कालाबाजारी न हो। मंत्रियों को निर्देश दिए गए कि आपूर्ति, वितरण और लॉजिस्टिक प्रणाली मजबूत बनाए रखते हुए आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करें।

विपक्ष की लगातार मांग 

28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से ही विपक्ष मिडिल ईस्ट संकट पर बहस की मांग कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि देश में गैस, तेल और ऊर्जा संकट की स्थिति है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि आपूर्ति सामान्य है। पीएम मोदी अपने भाषण में इन आरोपों का भी जवाब देंगे। 

लोकसभा में अन्य अहम कार्रवाई 

आज लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। यह विधेयक लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में संशोधन लाएगा। इसके अलावा, सत्र की पिछली कार्रवाई में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को गिलोटिन प्रक्रिया के तहत बिना बहस पारित किया गया।

Read This Also:- संजय निषाद के राजनीतिक भविष्य पर सवाल, वीडियो वायरल