विधायकों की नोटिस पर प्रतिक्रिया: ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) के राज्यसभा चुनाव के बाद क्रॉस-वोटिंग का विवाद गहराता जा रहा है। राज्यसभा चुनाव हर दो साल में होने वाला नियमित चुनाव खत्म हो चुका है, लेकिन इस बार कुछ विधायकों ने पार्टी के निर्देशों के खिलाफ मतदान किया, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। पार्टी ने ऐसे 6 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्होंने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया।
RS चुनाव: BJD में क्रॉस-वोटिंग विवाद
राज्यसभा चुनाव: BJD में क्रॉस-वोटिंग विवाद के बीच, बीजू जनता दल के 6 विधायकों में चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नब किशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुभाषिनी जेना (बास्ता), रमाकांत भोई (तीर्तोल), और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं। पार्टी की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने 17 मार्च को इन्हें नोटिस जारी कर यह पूछने को कहा कि उन्होंने विधानसभा दल के निर्णय के खिलाफ वोट क्यों दिया।
इनमें से देवी रंजन त्रिपाठी ने नोटिस को "प्रथम दृष्टया अवैध, मनमाना, आधारहीन और असंवैधानिक" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 171 और 174 के तहत दंडनीय अपराध के समान है। त्रिपाठी ने जवाब में लिखा कि नोटिस में प्रयुक्त भाषा न केवल चुनाव को अनुचित रूप से प्रभावित करने वाली है, बल्कि चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन भी करती है।
अन्य पांच विधायकों ने भी इसी तरह नोटिस का जवाब दिया और मुख्य सचेतक से इसे वापस लेने की मांग की। प्रमिला मल्लिक ने हालांकि प्रतिक्रिया दी कि विधायकों ने यह नहीं बताया कि उन्होंने पार्टी के फैसले के खिलाफ क्यों वोट किया और जरूरत पड़ने पर पार्टी कानून का सहारा लेने के लिए तैयार है।
अनुशासन समिति की कार्रवाई
राज्यसभा चुनाव: BJD में क्रॉस-वोटिंग विवाद के मद्देनजर BJD की अनुशासन समिति ने विधायकों के जवाब का गंभीरता से संज्ञान लिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधायकों के व्यवहार और बयानों की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि वे पार्टी के आधिकारिक हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं, जो ‘स्वेच्छा से’ सदस्यता छोड़ने के बराबर माना जा सकता है।
अनुशासन समिति की बैठक का नेतृत्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने किया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के समक्ष उचित कार्रवाई के सुझाव पेश किए जाएं।
युवा और छात्र नेताओं पर कार्रवाई
क्रॉस-वोटिंग और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के तहत BJD ने उन 6 विधायकों के प्रति निष्ठा रखने वाले 10 युवा और छात्र नेताओं को भी निलंबित कर दिया। इस चुनाव में ओडिशा की तीन राज्यसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की, जिससे BJD के भीतर असंतोष और अनुशासन संबंधी विवाद और बढ़ गया है।