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ईद पर बधाई: मोदी की बहरीन राजा से बातचीत, सुरक्षा पर चिंता
23 Mar 2026
मोदी ने बहरीन राजा से अहम बातचीत: ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और साथ ही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चिंता भी व्यक्त की। दोनों नेताओं के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत में क्षेत्रीय हालात, सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ने वाले असर पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कहा कि उन्होंने बहरीन के राजा और वहां की जनता को ईद की बधाई दी और समकालीन मुद्दों पर सार्थक संवाद किया। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके व्यापक प्रभावों का आकलन किया।
मोदी ने बहरीन राजा से बातचीत की
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन राजा से बातचीत की और क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के परिणाम केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य, ईंधन और उर्वरक आपूर्ति पर भी पड़ता है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन हमलों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कई देशों की आपूर्ति शृंखला प्रभावित होती है।
सुरक्षित नौवहन और शिपिंग मार्गों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन राजा से बातचीत की और बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निरंतरता के लिए यह जरूरी है कि शिपिंग मार्ग खुले, सुरक्षित और बाधारहित बने रहें।
उन्होंने दोहराया कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
भारतीय समुदाय के लिए आभार
प्रधानमंत्री ने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति वहां की सरकार के सहयोग और समर्थन के लिए राजा हमद का धन्यवाद भी किया। उन्होंने इस बात की सराहना की कि बहरीन लगातार भारतीय प्रवासियों के हितों का ध्यान रखता रहा है।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच संवाद
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद स्थिति और अधिक जटिल हो गई। इसके बाद ईरान द्वारा खाड़ी देशों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्र में अस्थिरता और गहराई है।
इन परिस्थितियों के बीच भारत की यह कूटनीतिक पहल क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
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