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भारतीय रेलवे सख्त: अधिकारी खराब प्रदर्शन पर रिटायर

 21 Mar 2026

रेलवे अधिकारी खराब प्रदर्शन के कारण सेवानिवृत्त: भारतीय रेलवे ने खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 6 अधिकारियों को उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले ही अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। यह कार्रवाई रेलवे की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें कार्यकुशलता और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


भारतीय रेलवे सख्त, स्पष्ट संदेश

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि भारतीय रेलवे सख्त रवैया अपनाते हुए यह कदम केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे संगठन के लिए एक स्पष्ट संकेत है। अब किसी भी स्तर पर लापरवाही, अक्षमता या अपेक्षित मानकों से नीचे प्रदर्शन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को अपने काम के प्रति अधिक जिम्मेदार और सजग रहना होगा।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज

जिन अधिकारियों को समय से पहले रिटायर किया गया है, वे अलग-अलग जोनों और विभागों से जुड़े हुए हैं। और यह फैसला दर्शाता है कि भारतीय रेलवे सख्त रवैया अपनाकर किसी भी स्तर पर कमजोर प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं करता। इनमें उत्तरी रेलवे मुख्यालय के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर, दक्षिण पश्चिम रेलवे के आईआरएसएमई के एनएफ-एचएजी स्तर के अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आईएसआरई के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड अधिकारी और पूर्वी रेलवे के आईआरएसएसई के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे बोर्ड सिविल सर्विस के ग्रेड-1 अधिकारी और एक पीपीएस अधिकारी भी इस सूची में शामिल हैं।

नियमों के तहत की गई कार्रवाई 

रेलवे ने इस फैसले के लिए भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के नियम 1802(a) का सहारा लिया है। यह प्रावधान प्रशासन को सार्वजनिक हित में किसी भी अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का अधिकार देता है। अधिकारियों के अनुसार, इस नियम का उपयोग तभी किया जाता है जब किसी कर्मचारी का प्रदर्शन लगातार असंतोषजनक पाया जाता है।

कर्मचारियों के लिए चेतावनी 

रेलवे प्रशासन ने अपने सभी कर्मचारियों से इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संगठन में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाना और सेवा गुणवत्ता को उच्च स्तर तक पहुंचाना है।

जवाबदेही पर जोर

इस कदम के जरिए रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझे और तय मानकों के अनुरूप काम करे। मंत्रालय ने दोहराया है कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि संगठन में दक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। 

कुल मिलाकर, यह फैसला दर्शाता है कि रेलवे अब प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को मजबूती से लागू करने के लिए तैयार है और किसी भी तरह की लापरवाही को सहन नहीं करेगा।