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हरियाणा में दिल का दौरा पड़ने से युवा मरे, कोविड जांच नहीं
19 Mar 2026
हरियाणा हृदय विफलता संकट: हरियाणा विधानसभा में हाल ही में पेश आंकड़ों के अनुसार, 18 से 45 साल की उम्र के लगभग 18,000 युवाओं की 2020 से 2026 तक हार्ट अटैक या कार्डियक फेलियर के कारण मौत हुई। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने कांग्रेस के एक विधायक के सवाल के लिखित जवाब में दी।
हरियाणा में दिल का दौरा पड़ने से युवा मरे, आंकड़े
विधायक ने पूछा था कि पिछले छह वर्षों में हरियाणा में दिल का दौरा पड़ने से युवा मरे कितने हुए और क्या सरकार ने इसकी कोविड-19 संक्रमण या वैक्सीनेशन से संभावित कड़ी का अध्ययन किया। जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई सर्वे या स्टडी नहीं किया गया।
संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, साल-दर-साल मौतों की संख्या इस प्रकार रही:
2020: 2,394
2021: 3,188
2022: 2,796
2023: 2,886
2024: 3,063
2025: 3,255
जनवरी 2026: 391
इस तरह कुल मौतों की संख्या 17,973 रही।
जिलेवार स्थिति
जिलेवार आंकड़ों में यमुनानगर में मौतों की संख्या सबसे अधिक रही। 2020 से 2025 तक हर साल यमुनानगर में हुई मौतें क्रमशः 387, 461, 375, 378, 410 और 389 थीं। इसके विपरीत, रोहतक जिले में यह संख्या काफी कम थी—33, 41, 40, 27, 30 और 30। गुरुग्राम में यह आंकड़े 113, 105, 116, 114, 93 और 83 रहे।
कोविड-19 और टीकाकरण का कोई अध्ययन नहीं
हालांकि इन मौतों की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा में दिल का दौरा पड़ने से युवा मरे मामलों का कोविड-19 संक्रमण या वैक्सीनेशन से कोई संबंध अभी तक जांचा नहीं गया है। महामारी और युवाओं में कार्डियक समस्याओं में बढ़त के बीच संभावित संबंध पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष या कार्रवाई अभी तक सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में दिल की बीमारियों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है और इसके कारणों की गहन जांच की जरूरत है। हालांकि वर्तमान आंकड़े केवल रिपोर्टेड मौतों पर आधारित हैं और इनमें अन्य स्वास्थ्य या जीवनशैली से जुड़ी जोखिमों को शामिल नहीं किया गया है।
इस आंकड़े ने स्वास्थ्य नीति निर्माताओं और आम जनता के लिए चेतावनी की घंटी बजाई है। यह सवाल उठता है कि क्या राज्य स्तर पर युवाओं के हृदय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और रोकथाम के उपायों की योजना बनानी चाहिए।
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