Article

भारत में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला संकट, घरेलू मांग को प्राथमिकता

 19 Mar 2026

भारत ईंधन आपूर्ति नीति: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में व्यापार मार्ग में बाधा की वजह से भारत में ऊर्जा और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभाग घरेलू ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गए हैं।


भारत में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला संकट

हाल के दिनों में बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव से भारत को ईंधन सप्लाई के अनुरोध मिले। लेकिन वर्तमान भारत में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला संकट के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले भारत की घरेलू मांग पूरी करना प्राथमिकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है। अगर घरेलू जरूरत पूरी हो जाने के बाद अतिरिक्त ईंधन बचता है, तभी संबंधित अधिकारियों द्वारा पड़ोसी देशों को सप्लाई पर फैसला किया जाएगा।

पड़ोसी देशों में उठाए गए उपाय 

ऊर्जा संकट के बीच पड़ोसी देशों ने अपने स्तर पर कई कदम उठाए हैं। बांग्लादेश और श्रीलंका ने ईंधन की बचत और आपूर्ति सीमित करने के लिए विश्वविद्यालयों को बंद किया और ईंधन वितरण पर नियंत्रण लगाया। जो भारत में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला संकट की स्थिति को और जटिल बना रहा है। वहां हफ्ते में एक दिन की अतिरिक्त छुट्टी भी दी जा रही है। वहीं, मालदीव में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की गई है।

भारत की आपूर्ति प्रतिबद्धताएं और रणनीति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने पड़ोसी देशों से ईंधन उपलब्ध कराने के अनुरोधों को ध्यान में रखा है, लेकिन देश की अपनी जरूरत और उपलब्धता सर्वोपरि रहेगी। उदाहरण के लिए, बांग्लादेश ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से 5,000 टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति का अनुरोध किया है।

ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा 

ऊर्जा संकट के साथ-साथ भारत ने ईरान में फंसे नागरिकों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया है। ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय दूतावास ने छात्रों और अन्य नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की। इसमें उन्हें जमीनी मार्ग से आर्मेनिया और अजरबैजान भेजने का प्रबंध भी शामिल है। पिछले कुछ दिनों में 700 से अधिक भारतीय नागरिक ईरान से इन देशों तक सुरक्षित रूप से पहुँच चुके हैं।

भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान ऊर्जा संकट के दौरान घरेलू मांग को पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पड़ोसी देशों की रिक्वेस्टों पर निर्णय तभी लिया जाएगा जब भारत की अपनी आपूर्ति सुरक्षित रूप से सुनिश्चित हो।

Read This Also:- बिहार राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों से 2 दिन में जवाब