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नरेंद्र मोदी का RS में भाषण, विदा हो रहे सांसदों की सराहना की
18 Mar 2026
राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का विदाई भाषण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में उन सांसदों को विदा करते हुए उनका योगदान सराहा जो अपने कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और शरद पवार का उल्लेख किया और कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं ने अपने जीवन का आधा समय संसद में समर्पित किया है।
नरेंद्र मोदी का RS में भाषण
नरेंद्र मोदी का RS में भाषण इस बात को उजागर करता है कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद ये नेता सदन में पूरी निष्ठा के साथ उपस्थित रहते हैं। उन्होंने नए सांसदों को सलाह दी कि उन्हें इन वरिष्ठ नेताओं से सीखना चाहिए कि कैसे सदन की कार्यप्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई जाती है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी विदा हो रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और कहा कि लंबा कार्यकाल और मूल्यवान अनुभव कोई छोटी बात नहीं है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि संसद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है, जिसमें कभी-कभी कड़वे और कभी मीठे अनुभव आते हैं। ऐसे क्षणों में दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर आपसी सम्मान और साझा भावना उत्पन्न होती है।
राजनीति में रिटायरमेंट का विचार नहीं
नरेंद्र मोदी का RS में भाषण इस बात को स्पष्ट करता है कि जो सांसद विदा हो रहे हैं, उनमें से कुछ भविष्य में वापस लौट सकते हैं, जबकि कुछ अपने अनुभवों को समाज और सार्वजनिक जीवन में उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा, राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।
खरगे का विदाई भाषण
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विदाई भाषण में कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में लगे लोग देश की सेवा के जुनून के चलते कभी थकते नहीं हैं और न ही रिटायर होते हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्हें 54 वर्षों से अधिक समय से जानने और उनके साथ काम करने का अवसर मिला। खरगे ने यह भी कहा कि राजनीति में अनुभव और सीखना निरंतर प्रक्रिया है, और यह सदन उन्हें हमेशा याद रहेगा।
साझा संदेश और सम्मान
पीएम मोदी ने कहा कि यह समय सभी विदा हो रहे सांसदों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने नए जिम्मेदारियों के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, साझा सम्मान और सहयोग की भावना हमेशा बनी रहती है। यह विदाई न केवल एक कार्यकाल का अंत है, बल्कि अनुभवों और सीख का भी प्रतीक है।
राज्यसभा में इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राजनीति केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश सेवा और जिम्मेदारी का सतत मार्ग है।
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