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देबेंद्र प्रधान को श्रद्धांजलि, स्मृति सभा का आयोजन
18 Mar 2026
देबेंद्र प्रधान को श्रद्धांजलि: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. देवेन्द्र प्रधान की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे। कार्यक्रम में लेखक कालिंदी सामल की किताब ‘डॉक्टर बाबू’ का विमोचन भी किया गया।
ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. प्रधान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। राजनाथ सिंह ने उन्हें राजनीति में गरिमा बनाए रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
देबेंद्र प्रधान को श्रद्धांजलि
‘स्मृति सभा’ में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीति में अक्सर यह धारणा रहती है कि नेता अपने शब्दों पर टिक नहीं पाते, लेकिन डॉ. देवेन्द्र प्रधान हमेशा अपने कार्यों में सच्चे रहे। इस मौके पर देवेन्द्र प्रधान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधान ने राजनीति और समाज सेवा को अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाया।
राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधान का व्यक्तित्व कठोर परिश्रमी होने के साथ-साथ संवेदनशील भी था। उनके शब्द और व्यवहार में कभी अंतर नहीं होता था। उनके प्रयासों से ही ओडिशा में बीजेपी को मजबूत स्थिति मिली और पार्टी आज उनके बनाए गए मजबूत आधार पर लगातार आगे बढ़ रही है।
पार्टी नेतृत्व और स्थानीय राजनीति में योगदान
रक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. प्रधान ने स्थानीय राजनीति की जटिलताओं के बीच पार्टी का कुशल नेतृत्व किया। उन्होंने तीन बार बीजेपी की ओडिशा इकाई की अध्यक्षता की और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संपर्क बनाए रखा। उनका नेतृत्व पार्टी की जमीनी ताकत को मजबूत करने में अहम रहा।
इस मौके पर देवेन्द्र प्रधान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजनाथ सिंह ने डॉ. प्रधान को सफल और संवेदनशील व्यक्तित्व का धनी बताया और कहा कि उनकी सोच और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।
समाज सेवा और आदर्श जीवन की मिसाल
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. प्रधान की समाज सेवा और उनके आदर्शों को याद किया। उनकी जीवन यात्रा और योगदान को साझा किया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका उदाहरण प्रेरणादायक बने।
डॉ. प्रधान का जीवन राष्ट्र और समाज को समर्पित रहा और उनकी स्मृति में आयोजित इस सभा ने उन्हें याद करने का एक भावपूर्ण अवसर प्रदान किया।
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