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राहुल गांधी का गिग इकोनॉमी का मुद्दा, सरकार रही मौन

 18 Mar 2026

राहुल गांधी ने सरकार से पूछे सवाल: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के करोड़ों गिग-वर्कर्स के हालात को लेकर आज संसद में सवाल उठाए। उन्होंने हाल ही में गिग-वर्कर्स के एक समूह से मुलाकात की थी और उनकी कठिनाइयों को समझा था। आज उन्होंने उन मुद्दों को संसद में जोरदार तरीके से रखा, लेकिन सरकार की ओर से किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं मिला।


राहुल गांधी का गिग इकोनॉमी का मुद्दा

राहुल गांधी ने संसद में गिग इकोनॉमी का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या गिग-वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी मिलेगी और उनके बीमा क्लेम की जानकारी कितने वर्कर्स ने फाइल किए, कितने स्वीकृत हुए और कितने अस्वीकृत रहे। इसके अलावा उन्होंने गिग-वर्कर्स के एक्सीडेंट और मौतों की संख्या की जानकारी भी मांगी। इन सभी सवालों पर सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे पहले सांसद राघव चड्डा भी गिग-वर्कर्स के मुद्दे को उठा चुके हैं।

अनुसूचित मुद्दों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

राहुल गांधी ने संसद में गिग इकोनॉमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से यह भी पूछा कि क्या ID ब्लॉकिंग, जाति-आधारित भेदभाव और महिला गिग-वर्कर्स की सुरक्षा के लिए कोई योजना है। इन सवालों पर भी सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। राहुल ने जोर देते हुए कहा कि गिग-वर्कर्स के लिए सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि वे केवल कॉर्पोरेट के लिए काम करने वाले नहीं, बल्कि गिग इकॉनमी के वास्तविक भागीदार बन सकें।

गिग-वर्कर्स के आंकड़े और पंजीकरण में कमी

नीति आयोग के अनुमान के अनुसार, आने वाले समय में देश में 2 करोड़ से अधिक गिग-वर्कर्स होंगे। लेकिन ईश्रम पोर्टल पर आज तक केवल 8.8 लाख वर्कर्स ही पंजीकृत हुए हैं। बीमा योजनाओं की स्थिति और चिंताजनक है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में केवल 23,831 गिग-वर्कर्स ने पंजीकरण कराया है, जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में यह आंकड़ा मात्र 1.3 लाख है।

सरकार की चुप्पी पर राहुल ने किया कटाक्ष 

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की मौनता दर्शाती है कि गिग-वर्कर्स की श्रम सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा इस सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्कर्स को उचित आय और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तो वे केवल कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए काम करने वाले बनकर रह जाएंगे। राहुल ने जोर देकर कहा कि गिग इकॉनमी के फायदों को वास्तविक वर्कर्स तक पहुँचाना जरूरी है।

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