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हरियाणा राज्यसभा चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस को एक-एक सीट

 17 Mar 2026

कांग्रेस के कर्मवीर बौद की जीत: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव ने सोमवार को देर रात तक सियासी हलचल बनाए रखी। पूरे दिन चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम और देर रात शुरू हुई मतगणना के बाद नतीजे सामने आए। एक सीट पर बीजेपी के संजय भाटिया ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरी सीट कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के खाते में गई। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल बेहद कम अंतर से पीछे रह गए।


यह चुनाव इसलिए भी दिलचस्प रहा क्योंकि मतदान के बाद वोट की गोपनीयता को लेकर शिकायतों के कारण मतगणना देर रात तक टलती रही और अंतिम परिणाम तड़के करीब तीन बजे घोषित किए गए।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव 

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, लेकिन मतदान में सभी वोट मान्य नहीं रहे। दो विधायक इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के गैर-हाजिर रहे। वहीं चार कांग्रेस और एक बीजेपी विधायक का वोट अमान्य घोषित हुआ। इस तरह कुल 83 वैध वोटों की गिनती हुई।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में जीत का कोटा तय करने के लिए वैध वोटों को 100 से गुणा कर सीटों की संख्या के हिसाब से फार्मूला लगाया गया। इस गणित के मुताबिक जीत के लिए 2767 वोट वैल्यू की जरूरत थी। 

परिणामों में बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया को 39 विधायकों का समर्थन मिला और उनकी वोट वैल्यू 3900 रही। कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले जिनकी वोट वैल्यू 2800 रही। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 16 वोट मिले।

चूंकि भाटिया और बौद्ध दोनों ही जीत के लिए जरूरी वोट वैल्यू हासिल कर चुके थे, इसलिए नांदल के मामले में दूसरे वरीयता वोटों की गिनती की जरूरत ही नहीं पड़ी।

मामूली अंतर से जीते कांग्रेस उम्मीदवार

कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की जीत बेहद करीबी रही। वोट वैल्यू के आधार पर उन्हें 2800 अंक मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 2733.33 वोट वैल्यू मिली। इस तरह बौद्ध केवल 33 वोट वैल्यू के अंतर से विजयी घोषित हुए। 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि INLD के दोनों विधायक मतदान में शामिल होकर नांदल के पक्ष में वोट डालते, तो नतीजे अलग हो सकते थे और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता था।

क्रॉस वोटिंग पर सियासत तेज

हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका इशारा उन पांच विधायकों की ओर था, जिन्होंने कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग की। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक ऐसे विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

दूसरी ओर बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को अलग-अलग स्थानों पर रखकर उन पर दबाव बनाया और उन्हें स्वतंत्र रूप से वोट करने की अनुमति नहीं दी।

राहुल गांधी की रणनीति की चर्चा

कांग्रेस नेताओं ने इस जीत को पार्टी नेतृत्व की रणनीति से जोड़ा। उनका कहना है कि दलित समाज से आने वाले कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश दिया। खुद बौद्ध ने भी अपनी जीत को राहुल गांधी की सोच का परिणाम बताया और कहा कि पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता को सम्मान देकर बड़ा संदेश दिया है।

मतगणना से पहले विवाद

मतगणना शुरू होने से पहले भी विवाद हुआ। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने कुछ विधायकों के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। इन शिकायतों पर निर्णय आने में समय लगा, जिसके कारण शाम पांच बजे शुरू होने वाली मतगणना रात करीब साढ़े दस बजे के बाद शुरू हो सकी।

इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा के राज्यसभा चुनाव को एक बार फिर बेहद नाटकीय और दिलचस्प बना दिया।

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