Article

कांशीराम को भारत रत्न देने की अखिलेश यादव ने की मांग

 16 Mar 2026

अखिलेश यादव ने कांशी राम पर टिप्पणी की: बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग अब तेज होती जा रही है। बीएसपी प्रमुख मायावती के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार से यह मांग की है कि कांशीराम को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाए।


अखिलेश यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने देश में सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी और बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक किया। उनके मुताबिक, कांशीराम के विचार और आंदोलन ने लाखों लोगों को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए खड़ा होने की प्रेरणा दी।

भारत रत्न देने की अखिलेश यादव ने की मांग

अखिलेश यादव ने उस दौर को भी याद किया जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने मिलकर राजनीति में बड़ा बदलाव किया था। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांशीराम को भारत रत्न देने की अखिलेश यादव ने की मांग इसलिए की है क्योंकि उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब नेताजी मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने साथ आकर भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला किया और उसे चुनाव में हराया।

अखिलेश ने कहा कि उस राजनीतिक दौर का असर इतना बड़ा था कि उसके बाद बीजेपी ने भी अपने कार्यक्रमों में बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर को प्रमुखता से शामिल करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास की बात है और इसे आसानी से समझा जा सकता है कि उस समय सामाजिक न्याय की राजनीति का कितना प्रभाव था।

राहुल गांधी ने भी की थी मांग

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांशीराम को भारत रत्न देने की अखिलेश यादव ने की मांग इसलिए की है क्योंकि उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत किया।

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेंगी और बीजेपी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा। 

इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी बात की और कहा कि कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी का गठबंधन आगे भी जारी रहेगा। उनके मुताबिक, कांग्रेस उनकी पुरानी सहयोगी रही है और यह साझेदारी भविष्य में भी बनी रहेगी।

चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को केंद्र सरकार के प्रभाव में काम नहीं करना चाहिए।

मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि कुछ मामलों में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी, प्रशासन और चुनाव तंत्र मिलकर काम कर रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Read This Also:-  एलपीजी संकट पर मल्लिकार्जुन खरगे ने उठाए सवाल, आपूर्ति बाधित