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मुंबई वर्ली: मुंबई में एलपीजी की कालाबाजारी, प्रशासन की चेतावनी

 14 Mar 2026

मुंबई में एलपीजी के काले बाजार का भंडाफोड़: ईरान-इजराइल युद्ध के चलते देश में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई हिस्सों में सिलेंडरों की किल्लत दिखाई दे रही है। इस बीच, मुंबई के वर्ली में गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग का मामला सामने आया है। राशन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने रिहायशी इलाके में खतरनाक तरीके से स्टोर किए गए सैकड़ों भरे और खाली सिलेंडरों को जब्त किया।


मुंबई में एलपीजी की कालाबाजारी

मुंबई में एलपीजी की कालाबाजारी के मामले में कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिस की मोबाइल टीम और ऑफिस नंबर 21 के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि वर्ली नाका पर गणपतराव कदम मार्ग स्थित सूरज वल्लभदास चॉल में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सिलेंडरों को रिहायशी इलाके में इस तरह रखा गया था कि यह आम लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकता था।

ऑपरेशन और जब्ती का विवरण

मुंबई में एलपीजी की कालाबाजारी के मामले में तुरंत रेड मारते हुए टीम ने भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडरों को जब्त किया। जब्ती की सूची में HP गैस कंपनी के छह भरे हुए पांच kg के सिलेंडर और 58 खाली सिलेंडर शामिल हैं। साथ ही, सुपर गैस कंपनी के 64 भरे हुए चार kg के सिलेंडर, 19 भरे हुए 12 kg के सिलेंडर और 25 खाली सिलेंडर भी पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि इन सिलेंडरों को गैर-कानूनी तरीके से रिफिल करके ब्लैक मार्केट में बेचा जाना था।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिहायशी इलाकों में सिलेंडर रखना और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से बेचना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। जब्त किए गए सिलेंडरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वर्ली पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।

सख्त चेतावनी और सतर्कता 

इस कार्रवाई का नेतृत्व कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन चंद्रकांत डांगे ने किया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, डिपार्टमेंट की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में हैं ताकि ऐसे खतरनाक मामलों को समय रहते रोका जा सके।

देश में एलपीजी संकट के बीच, यह मामला यह दिखाता है कि ब्लैक मार्केटिंग न केवल आपूर्ति की समस्या को बढ़ाती है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। प्रशासन की यह सक्रिय कार्रवाई वर्ली जैसे रिहायशी इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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