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ईंधन संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी बोले- विदेश नीति बदलने की जरुरत

 12 Mar 2026

एलपीजी की कमी पर राहुल गांधी का बयान: लोकसभा में गुरुवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने गैस सिलेंडर की कीमतों और ईंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में नारेबाजी भी की। इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में संभावित ईंधन संकट और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चिंता जताई। 


राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने संसद में एलपीजी गैस और तेल की मौजूदा स्थिति पर बयान देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उनके मुताबिक पहले की प्रक्रिया में सांसद अनुमति लेकर सदन में अपनी बात रख सकते थे, लेकिन अब नियमों में बदलाव होने के कारण मंत्री पहले फैसला करेंगे और उसके बाद ही उन्हें बोलने की अनुमति मिलेगी।

ईंधन संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी का बयान

ईंधन संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत को निकट भविष्य में ईंधन से जुड़ी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में दिखाई दे रही है और अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई तो इसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है। 


उनका कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति के कारण स्थिति और जटिल हो सकती है।

वैश्विक हालात से जुड़ा है पूरा मामला

ईंधन संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव केवल ईरान से तेल मिलने या न मिलने का सवाल नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार दुनिया धीरे-धीरे अस्थिर दौर की ओर बढ़ रही है और इस स्थिति का असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बिगड़ती हैं तो भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसलिए सरकार को अभी से वैकल्पिक रणनीति तैयार करनी चाहिए।

सरकार से तैयारी शुरू करने की अपील

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश को संभावित ऊर्जा संकट से बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित है। 

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को अपनी रणनीति और सोच में बदलाव करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के ईंधन संकट का सामना देश की जनता को न करना पड़े। राहुल गांधी के मुताबिक यदि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।