मेघालय गारो हिल्स में कर्फ्यू: पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद स्थिति बिगड़ गई, जिसके चलते प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। क्षेत्र के कई जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा स्थिति को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं और स्थानीय परिषद चुनावों को भी फिलहाल टाल दिया गया है।
मेघालय के गारो हिल्स में कर्फ्यू: पांच जिलों में इंटरनेट सेवा बंद
अधिकारियों ने बताया कि मेघालय के गारो हिल्स में कर्फ्यू लागू किया गया है, गारो हिल्स के पांच जिलों - वेस्ट गारो हिल्स, ईस्ट गारो हिल्स, नॉर्थ गारो हिल्स, साउथ गारो हिल्स और साउथ वेस्ट गारो हिल्समें कर्फ्यू लागू किया गया है। प्रशासन ने यह कर्फ्यू 13 मार्च की रात 12 बजे तक बढ़ा दिया है। हालात को नियंत्रित रखने के लिए इन जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी अगली सूचना तक निलंबित कर दी गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोई नई हिंसक घटना सामने नहीं आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि शांति बनाए रखी जा सके।
सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गारो हिल्स क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मेघालय के गारो हिल्स में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और पुलिस एवं सेना बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। वेस्ट गारो हिल्स जिले में प्रशासन की सहायता के लिए सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन टुकड़ियां तुरा में और दो चबिनंग इलाके में तैनात हैं, जहां पुलिस फायरिंग की घटना हुई थी।
इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और राज्य पुलिस के अतिरिक्त जवानों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
सीएम संगमा को मिली सुरक्षा सलाह
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा को गारो हिल्स छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी। हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वे वहां से कहीं नहीं जाएंगे।
संगमा ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें दूसरी जगह जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि तुरा में उनके घर और परिवार पर भीड़ के हमले की धमकी मिली है, इसके बावजूद वे डरे हुए नहीं हैं और अपने घर पर ही रहेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
काउंसिल चुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह पूरा विवाद गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHADC) के चुनाव को लेकर शुरू हुआ। यह परिषद संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है। कई स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गैर-गारो समुदाय के लोगों को शामिल किया जा रहा है, जिसका विरोध किया गया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब फूलबाड़ी के पूर्व विधायक एस्तामुर मोमिन तुरा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में नामांकन दाखिल करने पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला कर दिया।
परीक्षाएं और चुनाव भी टाले गए
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने 11 और 12 मार्च को होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया है। इसके अलावा 10 अप्रैल को प्रस्तावित GHADC चुनावों को भी फिलहाल टाल दिया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था सामान्य होने के बाद ही चुनाव और परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान क्षेत्र में शांति बहाल करने पर केंद्रित है।