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LPG संकट पर केजरीवाल का बयान, विदेश नीति जिम्मेदार

 11 Mar 2026

LPG संकट पर केजरीवाल का बयान: देश में एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा गलत विदेश नीति के कारण पैदा हुआ संकट।


LPG संकट पर केजरीवाल का बयान : केंद्र सरकार पर हमला

देश में एलपीजी गैस की कमी और लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने LPG संकट पर केजरीवाल का बयान देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि देश इस समय एक गंभीर गैस संकट से गुजर रहा है और इसके पीछे मौजूदा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि गलत विदेश नीति के कारण देश में गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

गैस उत्पादन घटने और आयात पर निर्भरता का दावा 

LPG संकट पर केजरीवाल ने दावा किया कि देश में प्राकृतिक गैस का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत तक घट गया है, जबकि कुल खपत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में आने वाली गैस का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हार्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता था, लेकिन वहां की स्थिति प्रभावित होने के कारण अब सप्लाई बाधित हो गई है।

केजरीवाल के अनुसार इस संकट का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट लंबे समय तक गैस का स्टॉक नहीं रख सकते, इसलिए उन्हें रोजाना की सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ता है। जब सप्लाई रुकती है तो उनका कामकाज भी ठप होने लगता है।

कई शहरों में होटल और उद्योग प्रभावित

केजरीवाल ने कहा कि गैस संकट का असर देश के कई बड़े शहरों में दिखाई देने लगा है। उनके मुताबिक मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। वहीं तमिलनाडु में हजारों होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। पंजाब और एनसीआर के कई हिस्सों में भी यही स्थिति बनती जा रही है।

उन्होंने गुजरात के मोरबी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 650 उद्योगों में से लगभग 170 उद्योग बंद हो चुके हैं, जिसके कारण लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हाल ही में घरेलू और व्यावसायिक गैस के दाम बढ़ाए जाने से यह संकट और गहरा गया है।

विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति को खत्म कर दिया गया है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की स्थिति में भारत को किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करना चाहिए था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े नजर आए, जिससे ईरान जैसे पुराने सहयोगी देश नाराज हो गए।

केजरीवाल ने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिकी दबाव के बावजूद देशहित में फैसले लिए थे। उनके अनुसार उस दौर में भारत आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा मजबूत थी।

अमेरिका के दबाव में फैसले लेने का आरोप 

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों ने भारत को अमेरिका के प्रभाव में कमजोर बना दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कहने पर रूस से तेल खरीदना बंद किया गया, जिससे देश को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि अमेरिका का एक छोटा अधिकारी भी भारत सरकार को निर्देश देता हुआ नजर आता है। केजरीवाल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री किसी दबाव में हैं तो उन्हें देश को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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