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बिहार राज्यसभा चुनाव: भाजपा आरजेडी सियासी अदावत

 11 Mar 2026

भाजपा आरजेडी सियासी अदावत: बिहार में राज्यसभा चुनाव की लड़ाई इस बार खासा रोमांचक मोड़ ले गई है। राज्य में पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं और मैदान में कुल छह उम्मीदवार हैं। इनमें से पांच उम्मीदवार NDA के हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, शिवेश कुमार, नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं। एनडीए के चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर सियासी पेंच फंसा हुआ है। 


आरजेडी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन उसके पास विधानसभा में केवल पांच विधायक हैं। इस बार उनकी नजर AIMIM के पांच विधायकों पर है। अगर AIMIM RJD को सपोर्ट करती है और बसपा का एक विधायक साथ देता है, तो महागठबंधन एक सीट जीत सकता है।

मतदान का अनोखा मोड़: भाजपा आरजेडी सियासी अदावत

बिहार विधानसभा सचिव ख्याति सिंह के अनुसार, इस चुनाव में किसी उम्मीदवार ने नामांकन वापस नहीं लिया। इसके चलते एक दशक से अधिक समय बाद राज्य में पहली बार बिहार में राज्यसभा चुनाव सीट के लिए मतदान की जरूरत पड़ी। एनडीए के चार उम्मीदवारों की जीत पक्की है, लेकिन RJD के अमरेंद्र धारी सिंह और AIMIM के रुख ने चुनाव में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे भाजपा आरजेडी सियासी अदावत और भी तेज़ हो गई है।

इस बार मतदान की जरूरत इसलिए है क्योंकि मैदान में पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार हैं। यदि सिर्फ पांच उम्मीदवार होते, तो चुनाव स्वतः जीत की स्थिति में होता।

तेजस्वी यादव की रणनीति 

RJD नेता तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि यह बैठक बहुत सकारात्मक रही। तेजस्वी ने भरोसा जताया कि उनके पास पर्याप्त संख्या है और वे पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के तीन विधायक किसी कारणवश बैठक में शामिल नहीं हो पाए।

AIMIM और RJD के बीच संभावित डील

विधानसभा में AIMIM के पांच विधायक हैं और उन्होंने अब तक यह तय नहीं किया कि राज्यसभा चुनाव में किसे समर्थन देंगे। AIMIM ने जोर दिया कि उसका अपर हाउस में प्रतिनिधित्व नहीं है और सहयोग की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, AIMIM राज्यसभा चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार को समर्थन देने के बदले में MLC सीट मांग रही है।

बसपा की भूमिका


बसपा के एकमात्र विधायक सतीश कुमार सिंह यादव का कहना है कि पार्टी किस गठबंधन के राज्यसभा उम्मीदवार का समर्थन करेगी, इसका निर्णय आलाकमान करेगा। क्या तय है? एनडीए के पास सभी पांच सीटों पर जीत के लिए 205 वोटों की जरूरत है, जबकि उनके पास केवल 202 विधायक हैं। महागठबंधन को राज्यसभा में एक सीट जीतने के लिए छह विधायकों की आवश्यकता है। ऐसे में AIMIM और बसपा के रुख पर अंतिम नतीजा टिका हुआ है। बिहार राज्यसभा चुनाव इस बार इसलिए खास है क्योंकि सिर्फ चार सीटें तय नहीं बल्कि पांचवीं सीट को लेकर सियासी खेल और गठबंधन रणनीतियां पूरे राज्य की नजरें खींच रही हैं।

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