SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में चल रहा अपना पांच दिन पुराना धरना समाप्त कर दिया है। उन्होंने 6 मार्च को यह प्रदर्शन शुरू किया था, जिसका मुख्य मुद्दा मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों को लेकर था। मंगलवार 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई और अदालत की टिप्पणी के बाद Mamata Banerjee ने आंदोलन को विराम देने का फैसला किया। धरना खत्म करते हुए उन्होंने इसे “लोगों की जीत” बताया और कहा कि वोट देने के अधिकार की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
वोटर लिस्ट से हटे नामों पर सुप्रीम कोर्ट में SIR केस सुनवाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटा दिए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर वह 6 मार्च से कोलकाता में धरने पर बैठी थीं। उनका कहना था कि जिन लोगों को चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है या जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
धरने के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर वह ऐसे लोगों को सामने लाकर उनकी स्थिति सार्वजनिक करेंगी। SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद और भी महत्वपूर्ण बन गया।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद लिया फैसला
धरना खत्म करने के पीछे सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही को बड़ा कारण माना जा रहा है। SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने सुझाव दिया कि इस मामले में अपील सुनने के लिए एक ट्रिब्यूनल बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पूर्व चीफ जस्टिस और अन्य न्यायाधीशों की एक बेंच बनाकर अपीलों की सुनवाई कर सकते हैं।
साथ ही चुनाव आयोग से भी कहा गया कि वह इस तरह के मामलों के लिए अपील की व्यवस्था तैयार करे। ममता बनर्जी ने अदालत के इस रुख को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे उन लोगों के लिए रास्ता खुला है जिनके वोट देने के अधिकार पर सवाल खड़े हुए हैं।
अभिषेक बनर्जी ने भी की अपील
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ममता बनर्जी से धरना समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, इसलिए अब आंदोलन को अगले चरण में ले जाना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह लड़ाई खत्म नहीं हुई है और पार्टी के कार्यकर्ता जनता के अधिकारों के लिए आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य के सभी 80 हजार बूथों पर सक्रिय रहेंगे और भाजपा को हराने के लिए अभियान जारी रखेंगे।
‘लड़ाई अभी जारी रहेगी’
धरना खत्म करते हुए ममता बनर्जी ने साफ किया कि यह केवल आंदोलन का एक चरण खत्म हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग 15 या 16 मार्च को विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर देता है, तब भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। ममता ने लोगों से अपील की कि अगर उनका नाम सूची में नहीं है तो वे चुनाव से एक दिन पहले तक भी अपनी शिकायत लेकर आएं।
25 मार्च को होगी अगली सुनवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 25 मार्च को होगी। उन्होंने लोगों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है और इस अधिकार की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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