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ईरान हमले पर पिनारयी विजयन का नवीनतम बयान, बोले– देश की छवि खराब

 09 Mar 2026

मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों को लेकर भारत में भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पिनारयी विजयन का नवीनतम बयान इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा में है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान पर हुए हमले की निंदा न करना देश की छवि के लिए ठीक नहीं है। उनके मुताबिक इस रुख की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और भारतीयों की बदनामी हो रही है।


तिरुवनंतपुरम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) द्वारा आयोजित युद्ध-विरोधी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा कि भारत का इतिहास हमेशा साम्राज्यवाद के खिलाफ खड़े होने का रहा है। उन्होंने कहा कि पिनारयी विजयन का नवीनतम बयान इस बात पर जोर देता है कि भारत को वैश्विक मुद्दों पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। लेकिन मौजूदा समय में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भारत उन्हीं ताकतों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है जिनका विरोध वह पहले करता था।

ईरान मुश्किल समय में भारत के साथ खड़ा रहा

अपने भाषण में मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि ईरान ऐसा देश रहा है जिसने कठिन समय में भी भारत का समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उस देश पर एकतरफा हमला किया गया है तो भारत उसकी खुलकर निंदा क्यों नहीं कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक देश का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति और नैतिकता से जुड़ा मामला भी है। भारत को अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखते हुए स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री के इज़राइल दौरे का भी किया जिक्र

विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दौरे का भी उल्लेख किया जो ईरान पर हमले से कुछ समय पहले इज़राइल में हुआ था। उन्होंने कहा कि दुनिया ने प्रधानमंत्री को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गले लगाते हुए देखा था।

विजयन के अनुसार ऐसे दृश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक संदेश देते हैं और भारत की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने पूछा कि इस तरह की कूटनीतिक तस्वीरों से दुनिया के सामने किस तरह का संकेत गया।

तेल संसाधनों पर नियंत्रण है असली मकसद

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केरल के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान पर हमले के पीछे अमेरिका का छिपा हुआ एजेंडा दुनिया के तेल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना हो सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद को वर्ल्ड पुलिस की तरह पेश करने की कोशिश करता है और कई बार ऐसे क्षेत्रों में हस्तक्षेप करता है जहां उसके आर्थिक या रणनीतिक हित जुड़े होते हैं।

युद्ध से बढ़ रही वैश्विक चिंता

पिनारयी विजयन का नवीनतम बयान यह भी चेतावनी देता है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना था कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव की वजह से आम लोगों और परिवारों में भी चिंता का माहौल बन रहा है।

उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते संघर्ष ने दुनिया को असुरक्षा और अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शांति और कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

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