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चुनाव से पहले WB राज्यपाल का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने केंद्र पर राजनीतिक दबाव का लगाया आरोप
06 Mar 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से कुछ ही दिन पहले राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार शाम अचानक सीवी आनंद बोस ने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे सियासी गलियारों में चर्चा का माहौल बन गया। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जानकारी में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया।
ममता बनर्जी ने जताई हैरानी, उठाया ‘दिल्ली दबाव’ का सवाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस अचानक बदलाव पर हैरानी जताई और इसे चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव से जोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राज्यपाल पर केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा चुनाव से पहले कुछ राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए दबाव डाला गया हो सकता है। ममता ने केंद्र को याद दिलाया कि राज्यों के साथ मिलकर चलने और फेडरलिज्म के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए।
बोस ने नहीं बताई इस्तीफे की वजह
दिल्ली से PTI से बातचीत में बोस ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की, लेकिन इस्तीफे के पीछे की वजह साझा करने से इनकार कर दिया। उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक होना था, लेकिन उन्होंने करीब साढ़े 3 साल राज्यपाल पद पर रहने के बाद इस्तीफा दे दिया। इससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं।
TMC और BJP के बीच चुनावी मुकाबला
इस बदलाव के साथ ही पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। इस बार विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है। TMC लगातार चौथी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश करेगी, जबकि BJP राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
राज्यपाल और CM के लंबे समय से थे मतभेद
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। प्रशासनिक मुद्दों और राजनीतिक निर्णयों को लेकर अक्सर दोनों पक्ष आमने-सामने आते रहे। शुरुआत में बोस अपने पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़ की तुलना में कम विवादास्पद माने गए, लेकिन धीरे-धीरे उनकी TMC सरकार के साथ दूरी बढ़ती गई।
बीजेपी का बयान और स्वास्थ्य कारण
BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बोस के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक दावे खारिज किए और इसे स्वास्थ्य कारण से जोड़ते हुए कहा कि राज्यपाल बीमार चल रहे थे। उन्होंने कहा, इस्तीफे के पीछे कोई और राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
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