Article

PM मोदी की कार्यशैली के मुरीद हुए कनाडाई पीएम मार्क कार्नी

 05 Mar 2026

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की है। सिडनी में लोवी इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में बोलते हुए कार्नी ने मोदी को एक “यूनिक लीडर” बताया और उनके अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और काम के प्रति समर्पण की सराहना की।


कार्नी ने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हुई थी, जहां उन्हें भारतीय शासन प्रणाली और आर्थिक सुधारों के पीछे की सोच को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मोदी का काम करने का तरीका बेहद अलग है और वे लगातार आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर ध्यान देते हैं। 

25 साल में नहीं ली छुट्टी: कार्नी


अपने संबोधन में कनाडाई प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, वह व्यक्ति वास्तव में अलग हैं। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली न गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और न ही भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर।

कार्नी के मुताबिक, मोदी की कार्यशैली में अनुशासन और निरंतर काम करने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश का नेतृत्व करना आसान नहीं है, लेकिन मोदी लगातार सक्रिय रहते हैं और शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयासरत दिखाई देते हैं।

जनता से सीधे जुड़ने की क्षमता का किया जिक्र


कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक पहुंच और जनता से संवाद करने की क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनावी अभियानों के दौरान मोदी लगातार बड़े-बड़े जनसभाओं को संबोधित करते हैं और देशभर में लोगों से सीधे संपर्क बनाए रखते हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहता है, लेकिन इसके बावजूद वे जनता के बीच जाने और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं। कार्नी के अनुसार, यही कारण है कि नरेंद्र मोदी का फोकस केवल नीतियों तक सीमित नहीं रहता बल्कि उनकी वास्तविक डिलीवरी तक पहुंचता है। 

डिजिटल इंडिया और UPI मॉडल की भी तारीफ


कनाडाई प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI भारत में वित्तीय सुधारों का एक बड़ा उदाहरण है, जिसने पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाया है।

कार्नी के मुताबिक, इस तरह के डिजिटल सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी लीकेज के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और अधिक से अधिक लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकें।

भारत-कनाडा सहयोग को लेकर जताई उम्मीद


कार्नी ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ चुनौतियां जरूर आई हैं, लेकिन अब भारत और कनाडा नई साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 11 महीनों में आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में अच्छी प्रगति हुई है।

इसके अलावा उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जताई। कार्नी ने कहा कि कनाडा भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कनाडा में करीब 20 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।
 
Read This Also:- राहुल गांधी बोले: वेस्ट एशिया जंग हमारे द्वार तक