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राज्यसभा की एक सीट पर MVA में टकराव: कांग्रेस, शरद पवार गुट और उद्धव सेना आमने-सामने

 28 Feb 2026

Maharashtra की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी MVA के भीतर खींचतान तेज हो गई है। सात सीटों में से एक अतिरिक्त सीट को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और उद्धव सेना के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। कई दौर की बैठकों के बावजूद फैसला अधर में लटका है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

गुरुवार को कांग्रेस और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेताओं के बीच अहम बैठक हुई। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार और विधायक सतेज पाटील मौजूद रहे। वहीं राष्ट्रवादी गुट का प्रतिनिधित्व प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और जयंत पाटील ने किया। घंटों चली बातचीत के बावजूद सीट बंटवारे पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी।

कांग्रेस ने बैठक में स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि इस बार राज्यसभा की सीट उसे मिलनी चाहिए। पार्टी का तर्क है कि वर्ष 2022 में महाविकास आघाड़ी को मिली चार सीटों में से दो राष्ट्रवादी को दी गई थीं, इसलिए राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अब यह सीट कांग्रेस के खाते में आनी चाहिए। दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) इस सीट को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।

पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि Sharad Pawar एक बार फिर राज्यसभा जाना चाह सकते हैं, इसलिए सीट उनके लिए सुरक्षित रखी जाए। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने बैठक में यह सवाल उठाया कि क्या खुद पवार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई है? जवाब में बताया गया कि यह इच्छा पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष Supriya Sule की ओर से व्यक्त की गई है, लेकिन पवार की तरफ से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक पवार स्वयं अपनी मंशा स्पष्ट नहीं करते, तब तक वह अपना दावा वापस नहीं लेगी।

इस सियासी समीकरण को और जटिल बना दिया है उद्धव सेना की एंट्री ने। गठबंधन में सबसे ज्यादा विधायक होने का हवाला देते हुए पार्टी का कहना है कि सीट पर उसका पहला अधिकार बनता है। Aditya Thackeray ने भी संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में शरद पवार, जयंत पाटील, शशिकांत शिंदे और जितेंद्र आव्हाड के बीच भी चर्चा हुई, लेकिन अंतिम निर्णय टलता नजर आ रहा है। राज्यसभा चुनाव नजदीक है और MVA के भीतर यह सीट अब प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है।