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जेएनयू विरोध प्रदर्शन के दौरान झड़प: दिल्ली परिसर में छात्र घायल

 27 Feb 2026

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में शुक्रवार को छात्रों के विरोध मार्च के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा निकाले गए इस मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ, जिसमें कई छात्रों के घायल होने की खबर सामने आई है। जेएनयू के विरोध मार्च में झड़प हुई और इस घटना ने एक बार फिर परिसर में सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।

प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ निकाला गया मार्च


बताया जा रहा है कि यह विरोध मार्च विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ प्रशासनिक फैसलों और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के मुख्य द्वार की ओर बढ़ रहे थे, जहां पहले से ही पुलिस बल तैनात था। जैसे ही छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई और जेएनयू के विरोध मार्च में झड़प हुई।

बैरिकेड हटाने की कोशिश से बिगड़ी स्थिति


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ छात्रों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान कई छात्र जमीन पर गिर पड़े और कुछ को मामूली चोटें आईं। घायल छात्रों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। इसी दौरान जेएनयू के विरोध मार्च में झड़प हुई और तनाव और अधिक बढ़ गया।

पुलिस और छात्र संगठनों के अलग-अलग दावे


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए और किसी भी तरह की अनावश्यक बल प्रयोग की बात से इनकार किया। वहीं, छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने की शांति की अपील


इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बढ़ती बहस


घटना के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि जेएनयू परिसर लंबे समय से छात्र राजनीति और वैचारिक बहस का केंद्र रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने पुलिस कार्रवाई को उचित बताया, जबकि अन्य ने इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

संवाद और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन की चुनौती


विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों में संवाद और शांतिपूर्ण विरोध की परंपरा को बनाए रखना जरूरी है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण लेकिन आवश्यक है।

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