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भारत में एआई शिखर सम्मेलन के विरोध प्रदर्शन: दिल्ली-हिमाचल पुलिस झड़प
26 Feb 2026
भारत में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया, जब दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस आमने-सामने आ गईं। यह पूरा घटनाक्रम सुबह तड़के 5:30 बजे शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा, जिसने कानून-व्यवस्था, पुलिस अधिकार क्षेत्र और नागरिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस पूरे मामले को लेकर AI शिखर सम्मेलन में भारत का विरोध राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
सुबह-सुबह पुलिस कार्रवाई से शुरू हुआ विवाद
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब एआई समिट के विरोध से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के घरों पर सुबह-सुबह पुलिस ने दस्तक दी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और संभावित अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इसे असामान्य और अत्यधिक सख्त कार्रवाई बताया। इस कार्रवाई ने AI शिखर सम्मेलन में भारत का विरोध को और अधिक संवेदनशील मुद्दा बना दिया।
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र पर टकराव
स्थिति तब और जटिल हो गई जब दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद सामने आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों राज्यों की पुलिस के बीच यह असहमति इस बात को लेकर थी कि किसे जांच और कार्रवाई का अधिकार है। इस विवाद ने प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर कर दिया और पूरे मामले को राजनीतिक रंग भी मिल गया, जिससे AI शिखर सम्मेलन में भारत का विरोध का विवाद और गहरा हो गया।
दिनभर चला तनाव, देर रात जाकर शांत हुआ मामला
दिन भर चले इस टकराव के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी बहस और तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। स्थानीय प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि हालात को नियंत्रण में रखा जा सके। देर रात तक चली बातचीत और उच्च अधिकारियों की दखल के बाद स्थिति को किसी तरह शांत किया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम ने AI शिखर सम्मेलन में भारत का विरोध को एक प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में स्थापित कर दिया।
एआई समिट की छवि पर पड़ा असर
इस पूरे घटनाक्रम ने एआई समिट जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि पर भी असर डाला है। जहां एक ओर सरकार इस समिट के जरिए भारत को तकनीकी नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी देश के रूप में प्रस्तुत करना चाहती थी, वहीं दूसरी ओर विरोध और पुलिस टकराव ने आयोजन की चर्चा को विवादों की ओर मोड़ दिया।
लोकतांत्रिक अधिकार बनाम कानून-व्यवस्था का संतुलन
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस मामले ने यह भी दिखाया कि विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बढ़ती बहस
राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ दलों ने पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया, जबकि अन्य ने इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। इससे यह साफ हो गया है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा।
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