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इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा: मोदी का बयान और द्विपक्षीय संबंधों में नई दिशा।
18 Feb 2026
इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा और मोदी का स्वागत
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा 17 से 19 फ़रवरी 2026 तक जारी है, और यह दौरा दोनों देशों के बीच हालिया रणनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूती देने के तौर पर देखा जा रहा है।
मुंबई में जैसे ही राष्ट्रपति मैक्रॉन पहुंचे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया और इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस के बीच संबंधों को कोई सीमा नहीं बांध सकतीं — चाहे वह गहरे महासागरों से लेकर सबसे ऊँचे पर्वतों तक हो। यह कहना भारत और फ्रांस के बीच वर्षों से चल रहे विश्वास, साझेदारी और सहयोग की व्यापकता को दर्शाता है।
राष्ट्रपति मैक्रॉन की यह चौथी औपचारिक यात्रा है और उन्होंने इस दौरान फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रॉन के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। मुंबई में आयोजित स्वागत समारोह में दोनों देशों के नेताओं ने विषम वैश्विक परिस्थितियों और तकनीकी, रक्षा तथा व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
रणनीतिक साझेदारी और कलात्मक सहयोग
इस वर्ष की इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और फ्रांस की संयुक्त पहल का एक महत्वपूर्ण चरण भी है। दोनों देशों ने मिलकर “इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ़ इनोवेशन 2026” की शुरुआत की, जो आने वाले साल भर तक तकनीकी, शोध और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देगा।
मुख्य रूप से रक्षा सहयोग के क्षेत्र में इस दौरे ने कई नयी राहें खोलीं। मुंबई की बैठक में दोनों पक्षों ने संयुक्त उत्पादन परियोजनाओं, मिसाइल तकनीक और हेलीकॉप्टर असेंबली लाइनों पर समझौते पर सहमति जताई है, जिससे भारत में रक्षा निर्माण के अवसर और बढ़ेंगे।
राजनीतिक और सामरिक सहयोग में इसके अतिरिक्त दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ के साथ भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा की, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को और व्यापक रूप दिया जा सकेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारत के साथ मिलकर एक स्थिर और स्वतंत्र क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के निर्माण पर काम करना चाहते हैं।
प्रमुख परिणाम: रक्षा, तकनीक और वैश्विक सहयोग
इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से जुड़े कई परिणाम सामने आए हैं जिन्होंने दोनों देशों के बहुपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी है। मुंबई में दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान घोषणा की कि भारत-फ्रांस संबंध अब “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में और व्यापक सहमति से आगे बढ़ेंगे, जिसका लक्ष्य रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढाना है।
इसके साथ ही भारत और फ्रांस ने टेक्नोलॉजी और एआई सहयोग को और गहरा करने के लिए संयुक्त पहल की घोषणा की है, विशेषकर India-AI Impact Summit में भागीदारी के माध्यम से इन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा। दोनों ही नेताओं ने वैश्विक स्थिरता, अक्षय ऊर्जा और क्लाइमेट चेंज के मुद्दों पर अपने साझा दृष्टिकोण पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि इस दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय समझौते सामने आए, जैसे हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन की स्थापना तथा नई मिसाइल तकनीक के विकास पर सहमति। इसके साथ ही दोनों देशों की वार्षिक व्यापार मात्रा $15 बिलियन से भी अधिक हो चुकी है, जो उनके मजबूत आर्थिक रिश्ते को दर्शाती है।