Article
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर नौकरी के बदले जमीन घोटाले के मामले में आरोप लगाए गए
17 Feb 2026
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित “लैंड फॉर जॉब्स” घोटाले से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला पिछले कुछ समय से राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी और साक्ष्यों तथा गवाहों के आधार पर आरोपों की जांच की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
“लैंड फॉर जॉब्स” मामले में आरोप है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर जमीन या संपत्ति के रूप में लाभ लिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उस दौरान कुछ लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन कम कीमत पर हासिल की गई। यह कथित लेन-देन परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर किए जाने का भी आरोप है।
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विस्तृत जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि नियुक्तियों और संपत्ति लेन-देन के बीच सीधा संबंध पाया गया है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है और कहा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया।
अदालत में क्या हुआ?
दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद यह माना कि प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है। इसके बाद अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए।
अदालत के इस कदम का अर्थ यह है कि अब मुकदमे की नियमित सुनवाई शुरू होगी, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क पेश करेंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आरोप तय होना अंतिम निर्णय नहीं होता, बल्कि यह मुकदमे की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण होता है।
राजनीतिक असर
इस मामले का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार एक बड़ा नाम है। ऐसे में अदालत की कार्रवाई से विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकते हैं। राजद ने पहले भी इस मामले को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है।
वहीं, भाजपा और अन्य विरोधी दलों का कहना है कि यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है और कानून अपना काम कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले की सुनवाई का असर आने वाले चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।
आगे की प्रक्रिया
अब अदालत में इस मामले की नियमित सुनवाई होगी। गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और जिरह के आधार पर अदालत यह तय करेगी कि आरोप साबित होते हैं या नहीं। यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों को सजा मिल सकती है, जबकि पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें राहत भी मिल सकती है।
निष्कर्ष
दिल्ली अदालत द्वारा लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए जाने से “लैंड फॉर जॉब्स” मामला एक नए चरण में पहुंच गया है। यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें अदालत की आगे की कार्यवाही और अंतिम फैसले पर टिकी रहेंगी, जो यह तय करेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कानून के अनुसार आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
Read This Also:- भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले