Article

भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026: एआई पर पीएम मोदी, वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान।

 16 Feb 2026

भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026: भारत की एआई शक्ति का वैश्विक प्रदर्शन


नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026 ने देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित किया है। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में दुनियाभर के नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और उद्योग जगत के नेता एक मंच पर जुटे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि भारत आज एआई परिवर्तन के अग्रणी देशों में शामिल है और तकनीक का उपयोग मानव-केंद्रित विकास के लिए किया जाना चाहिए।

समिट में 65 से अधिक देशों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि एआई के भविष्य को लेकर वैश्विक स्तर पर सहयोग की जरूरत बढ़ रही है। इसमें नीति, नवाचार, जिम्मेदार एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकता है। उन्होंने तकनीक को “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत से जोड़ते हुए इसे समाज के व्यापक कल्याण से जोड़ने की बात कही।

भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026: पीएम मोदी का विज़न और एआई नीति का भविष्य


प्रधानमंत्री मोदी ने एआई को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक अर्थव्यवस्था, रोजगार और नवाचार की दिशा तय करेगी। उनके अनुसार, भारत की डिजिटल अवसंरचना, विशाल तकनीकी प्रतिभा और स्टार्टअप इकोसिस्टम देश को वैश्विक एआई दौड़ में मजबूत स्थिति प्रदान करते हैं।

समिट में चर्चा का एक बड़ा विषय जिम्मेदार और नैतिक एआई रहा। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का विकास पारदर्शी और सुरक्षित होना चाहिए ताकि इसका उपयोग समाज में असमानता बढ़ाने के बजाय अवसरों का विस्तार करे। अंतरराष्ट्रीय नेताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी वैश्विक नियमों और सहयोगात्मक ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत सरकार एआई को लोकतांत्रिक और सुलभ बनाने के लिए प्रयासरत है। डिजिटल इंडिया जैसी पहल और सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म एआई आधारित सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।

भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026: स्टार्टअप्स, उद्योग और वैश्विक साझेदारी पर फोकस


इस शिखर सम्मेलन की एक खास विशेषता उद्योग और स्टार्टअप सेक्टर की मजबूत भागीदारी रही। रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया, जिससे नवाचार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इसे वैश्विक महत्व का आयोजन बना दिया। उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई समाधान विकसित करने वाला प्रमुख देश बन रहा है।

कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट शहरों में एआई के वास्तविक उपयोगों को भी प्रदर्शित किया गया। इससे यह संदेश गया कि तकनीक सिर्फ सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान देने में सक्षम है।

वैश्विक एआई मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका


विश्लेषकों के अनुसार, यह आयोजन सिर्फ एक सम्मेलन नहीं बल्कि वैश्विक एआई राजनीति और तकनीकी कूटनीति का मंच भी है। दुनिया के कई देशों के नेता और उद्योग प्रतिनिधि यहां भविष्य की रणनीतियों पर विचार करने के लिए पहुंचे।

भारत के लिए यह मौका है कि वह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर तकनीकी नेतृत्व स्थापित करे। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि एआई में भारत की जनसंख्या आधारित डेटा क्षमता और इंजीनियरिंग कौशल उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिला सकते हैं।

इसके साथ ही, एआई सुरक्षा, नैतिकता और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। सरकार और उद्योग जगत का मानना है कि एआई के तेजी से विस्तार के बीच संतुलित नीतियां बनाना जरूरी है ताकि विकास और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।