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अमेरिका और बांग्लादेश के बीच 19% टैरिफ के साथ व्यापार समझौता संपन्न हुआ।
10 Feb 2026
अमेरिका-बांग्लादेश टैरिफ समझौता और इसका सार
अमेरिका और बांग्लादेश के बीच अमेरिका-बांग्लादेश टैरिफ समझौता के तहत व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता सोमवार को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया गया, जिसमें अमेरिका ने बांग्लादेश से आयात होने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ दर को 19 प्रतिशत पर निर्धारित करने का निर्णय लिया है। यह समझौता नौ महीने की लंबी वार्ता और बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया।
समझौते के अनुसार अमेरिका ने बांग्लादेशी निर्यातकों के लिए अब टैरिफ को पहले के 37 प्रतिशत से घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है जिससे बांग्लादेश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और निर्यात की लाभप्रदता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह निर्णय न केवल दोनों देशों के व्यापारिक आंकड़ों को प्रभावित करेगा बल्कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य को भी बदल सकता है। इस समझौते के परिणामस्वरूप बांग्लादेश को अमेरिकी बाजार में अपने वस्त्र, फार्मास्यूटिकल उत्पाद, मछली, आहार्य सामग्री तथा लकड़ी और बोर्ड जैसे उत्पादों के निर्यात पर भी आयात शुल्क* तथा अन्य प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है। अमेरिका ने साथ ही टेक्सटाइल और परिधान के कुछ उत्पादों को शून्य टैरिफ दर पर बाजार में प्रवेश की अनुमति देने पर भी सहमति जताई है यदि वे अमेरिकी उत्पादित कच्चे माल का उपयोग करते हैं।
भारत-बांग्लादेश तथा वैश्विक व्यापार में प्रभाव
इस अमेरिका-बांग्लादेश टैरिफ समझौता से न केवल बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के व्यवसायिक परिदृश्य पर भी असर पड़ेगा। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने भारत के साथ भी साझेदारी को सशक्त बनाने के लिए टैरिफ दरों को घटाया है, जिससे भारत पर कई वस्तुओं का टैरिफ 18 प्रतिशत तक निर्धारित हुआ है। बांग्लादेश के मामले में यह 19 प्रतिशत टैरिफ दर अमेरिका के लिए एक संतुलित निर्णय माना जा रहा है, लेकिन कुछ समीक्षकों का मानना है कि यह दर भारत की तुलना में कहीं अधिक है और इससे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
वैश्विक आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते के तहत तय 19% टैरिफ दर बांग्लादेशी वस्त्र क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा, जबकि व्यापार में होने वाले तुलनात्मक लाभों को लेकर बहस भी तेज हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार बांग्लादेश के लिए यह कदम लाभदायक तो है ही, साथ ही उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, समझौते ने बांग्लादेश को भी अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों के बाजार में कम शुल्क या शुल्क-मुक्त प्रवेश प्रदान किया है, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का संतुलन सुधरेगा।
व्यापारिक लाभ, चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा उसके तैयार-माल (Ready-Made Garments) निर्यात पर आधारित है, और इस अमेरिका-बांग्लादेश टैरिफ समझौता के तहत टैरिफ को 19% पर समायोजित किए जाने से उस क्षेत्र को मुख्य लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम बांग्लादेश के RMG (Ready-Made Garments) उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा तथा वैश्विक मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
वहीं आलोचकों का तर्क यह है कि केवल टैरिफ दृष्टिकोण से समझौता पर्याप्त नहीं है; बांग्लादेश को गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे गुणवत्ता मानकों, कस्टम कार्यवाही, तथा निवेश-प्रोत्साहन पर भी ध्यान देना होगा ताकि निर्यातकों को पूर्ण रूप से लाभ मिल सके। अमेरिका ने भी इस दिशा में बांग्लादेश की कुछ नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है जिससे व्यापार में और प्रभावी सहयोग संभव हो सके।
भविष्य में, इस समझौते के सकारात्मक परिणामों के विस्तार से लाभ उठाने के लिए दोनों देशों को निरंतर संवाद, बाजार पहुंच, और विनियामक सहयोग को और मजबूत करना होगा। जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था अपने आप को नई शर्तों के अनुरूप ढाल रही है, अमेरिका-बांग्लादेश टैरिफ समझौता एक उदाहरण बनेगा कि कैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौते आर्थिक विकास और सहयोग के नए दरवाज़े खोल सकते हैं।
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