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प्रधानमंत्री मोदी का 130वां ‘मन की बात’: 2026 की शुरुआत में राष्ट्र को संदेश

 25 Jan 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब देश गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर खड़ा है और राष्ट्रीय भावना अपने चरम पर होती है। ‘मन की बात’ पिछले कई वर्षों से जनसंवाद का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए प्रधानमंत्री सीधे जनता से जुड़ते हैं।

गणतंत्र दिवस से पहले विशेष महत्व


25 जनवरी को होने वाला यह एपिसोड इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले प्रसारित होगा। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा देश की उपलब्धियों, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर बात किए जाने की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर इस मंच से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता, संविधान के प्रति सम्मान और नागरिकों की भूमिका पर जोर देते आए हैं।

‘मन की बात’ की यात्रा और प्रभाव


अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ ‘मन की बात’ कार्यक्रम आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के साथ-साथ विभिन्न निजी एफएम चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रसारित होता है। इसके जरिए प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्टार्टअप्स, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक नवाचार जैसे विषयों को लगातार सामने लाते रहे हैं।

130वां एपिसोड इस लंबी यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो यह दर्शाता है कि यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच संवाद का एक स्थायी सेतु बन चुका है।

संभावित विषय और संदेश


विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ में 2026 की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए देश के भविष्य की दिशा, युवाओं की भूमिका, डिजिटल भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस के संदर्भ में संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर भी उनका संदेश केंद्रित रह सकता है।

प्रधानमंत्री अक्सर इस कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर हो रहे सकारात्मक प्रयासों का उल्लेख करते हैं। संभव है कि इस बार भी वे किसी सामाजिक पहल, नवाचार या प्रेरणादायक नागरिक की कहानी साझा करें।

जनता की भागीदारी


‘मन की बात’ की खासियत यह है कि इसमें जनता की भागीदारी को महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री कई बार लोगों द्वारा भेजे गए सुझावों, पत्रों और संदेशों का उल्लेख करते हैं। इससे नागरिकों को यह महसूस होता है कि उनकी आवाज़ सीधे देश के नेतृत्व तक पहुंच रही है।

निष्कर्ष


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 130वां ‘मन की बात’ कार्यक्रम न केवल एक रेडियो संबोधन है, बल्कि यह देशवासियों के साथ संवाद का एक सशक्त माध्यम भी है। गणतंत्र दिवस से पहले होने वाला यह एपिसोड राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने, नागरिकों को प्रेरित करने और देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का संदेश दे सकता है। आने वाले समय में यह कार्यक्रम किस दिशा में संवाद को आगे ले जाता है, इस पर पूरे देश की नजरें रहेंगी।

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