Article

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़: किश्तवाड़ में संघर्ष — 7 सैनिक घायल।

 19 Jan 2026

जम्मू और कश्मीर (J&K) के किश्तवाड़ जिले में रविवार को हुए जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की, जिसमें सात जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह मुठभेड़ कठिन इलाक़ों में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में खोज-बीन अभियान चलाया। सेना के अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों ने अचानक घात लगाकर फायर किया और कुछ ने ग्रेनेड भी फेंके, जिससे कई जवानों को चोटें आईं। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है।


पहली बड़ी मुठभेड़: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों का मुकाबला


जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़ उस क्षेत्र में हुआ जहाँ भारी जंगल और पहाड़ियाँ हैं, जिससे सर्च ऑपरेशन और अधिक कठिन हो गया। सेना की “Operation Trashi-I” नामक योजना के तहत सुबह लगभग 12 बजे खोज शुरू की गई थी। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के ठिकानों की तलाश के लिए जम्मू और कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से अभियान चलाया। अचानक ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी और इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने ऊँची पहाड़ी जगहों से फायरिंग की, जिससे सुरक्षा बलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और इसी वजह से कई जवान घायल हुए। मुठभेड़ कई घंटे तक चली और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बलों को भी भेजा गया।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई, इलाके में तनाव और आगे की रणनीति


इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से चारों ओर से घेर लिया है और आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखा हुआ है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उच्चाधिकारी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि घायल सैनिकों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, यह दूसरी बड़ी मुठभेड़ नहीं है — इस साल पहले भी बिलावर और बहत्तर में आतंकियों के साथ संघर्ष जारी रहा है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है जबकि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य आतंकवादियों के नेटवर्क को कमजोर करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन प्रयासों के कारण कई बार सुरक्षा बलों को प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है, जैसा कि इस जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड़ में देखा गया। अतिरिक्त बल, ड्रोन निगरानी, और सर्च-कुत्तों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है ताकि आतंकवादियों को पैक किया जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।