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भारत में 2025 में नफरत भरे भाषण की 1318 घटनाएँ

 15 Jan 2026

भारत में वर्ष 2025 के दौरान नफरत भरे भाषण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडिया हेट लैब की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए कम से कम 1,318 नफरत भरे भाषण सामने आए। इनमें से 98 प्रतिशत भाषणों में मुसलमानों को निशाना बनाया गया है। जबकि ईसाई समुदाय के खिलाफ भी हमलों में कथित तौर पर वृद्धि देखी गई है।


रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में औसतन हर दिन चार नफरत भरे भाषण दर्ज किए गए। यह आकड़ा 2024 की तुलना में 13 प्रतिशत और 2023 की तुलना में 97 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2023 में ऐसे कुल 668 मामले सामने आए थे।

भारत में अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा प्रभावित

भारत में 2025 में नफरत भरे भाषणों में कुल 1,289 मामलों में मुसलमानों को निशाना बनाया गया। इनमें से 1,156 मामलों में मुसलमानों को सीधे तौर पर टारगेट किया गया है। जबकि 133 मामलों में मुसलमानों और ईसाइयों दोनों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले बयान दिए गए।

इसके अलावा, 162 मामलों में ईसाई समुदाय को निशाना बनाया गया है, जो 2024 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक घटनाएँ 

राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश 266 मामलों के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद महाराष्ट्र में 193, मध्यप्रदेश में 172, उत्तराखंड में 155 और दिल्ली में 76 मामले दर्ज किए गए हैं।

भारत में 2025 में नफरत भरे भाषणों की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुल घटनाओं में से 88 प्रतिशत मामले उन राज्यों में दर्ज किए गए, जहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है या गठबंधन सरकार का हिस्सा है।

नेताओं की भूमिका 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2025 में सबसे अधिक नफरत भरे भाषण देने वाले व्यक्ति रहें। जिनके नाम 71 भाषण दर्ज हैं। उनके बाद प्रवीण तोगड़िया और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय का स्थान है। इसके अलावा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने 289 हेट स्पीच आयोजनों को प्रायोजित या आयोजित किया, जो कुल घटनाओं का 22 प्रतिशत है।

हिंसा और साजिश

भारत में 2025 में नफरत भरे भाषणों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत भाषणों में लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे साज़िश की थ्योरी का उल्लेख किया गया है। वहीं 308 मामलों में हिंसा के लिए उकसाया गया। जिनमें से 136 मामलों में हथियार उठाने की अपील की गई।

कर्नाटक में बिल

इस चिंताजनक स्थिति के बीच, कर्नाटक सरकार ने हेट स्पीच और हेट क्राइम रोकथाम विधेयक, 2025 लागू किया, जो देश में इस दिशा में पहला व्यापक राज्य स्तरीय कानून माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम नफरत भरे भाषणों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर ठोस कार्रवाई की कमी अब भी बनी हुई है।