Article

हिंसा और मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया

 13 Jan 2026

ईरान में एक बार फिर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, जिनमें अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। देश के विभिन्न हिस्सों में फैले इन प्रदर्शनों ने ईरानी सरकार के सामने गंभीर राजनीतिक और सामाजिक चुनौती खड़ी कर दी है। बढ़ते विरोध और मौतों की खबरों के बीच ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा में ला दिया है।

ईरान में यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से सरकार की नीतियों, आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और असहमति की आवाज़ को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं, जिस पर ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया को भी गंभीर माना जा रहा है।

मौतों की संख्या और हालात


मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर मौतों की संख्या को लेकर सीमित जानकारी ही साझा की है। इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी और मीडिया नियंत्रण के कारण जमीनी हालात की पूरी तस्वीर सामने आना मुश्किल हो रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की, जिससे हालात और बिगड़ गए। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गई हैं। इन घटनाओं को लेकर ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया


ईरान में बढ़ते विरोध और मौतों को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरानी सरकार पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान की जनता स्वतंत्रता और न्याय की हकदार है। ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संदेश दिया, जिसे ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं ईरान मुद्दे को एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में ला सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया


ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने भी चिंता जताई है। मानवाधिकार संगठनों ने ईरानी सरकार से संयम बरतने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है। वहीं, ईरान सरकार का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन बाहरी ताकतों द्वारा भड़काए जा रहे हैं।

निष्कर्ष ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन, बढ़ती मौतों की संख्या और अमेरिका की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर फिर से ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरानी सरकार इस संकट से कैसे निपटती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका, इस पर क्या रुख अपनाता है।

Read This Also:- ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका: जानिए पूरा मामला