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बजरंग दल का रायपुर मॉल तोड़फोड़ मामले में नायकों जैसा स्वागत
03 Jan 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की सजावट में तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह बजरंग दल के सदस्यों को बुधवार को न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया। जिसके बाद उनका "नायकों जैसा स्वागत" किया गया।
क्यों हुआ था विवाद?
बजरंग दल रायपुर मामले में गुरुवार को रायपुर शहर की जेल से रिहा होते ही बजरंग दल के सदस्यों ने उनका पुष्पांजलि अर्पित कर "रघु पति राघव राजा राम" के नारे लगाते हुए स्वागत किया। उनकी जमानत का जश्न मनाने के लिए बजरंग दल के सदस्यों ने जुलूस निकाला और छह आरोपियों को अपने कंधों पर उठाकर ले गए।
रायपुर मॉल मामले में मीडिया से बात करते हुए, बजरंग दल के राज्य समन्वयक ऋषि मिश्रा ने कहा, “उनके खिलाफ नारे लगाने में क्या गलत है? पूरा मामला छत्तीसगढ़ में उनके द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण से जुड़ा है। सभी दक्षिणपंथी समूहों ने बंद का आह्वान करने का फैसला किया था, लेकिन साजिश रची गई और हमारे सदस्यों को जेल में डाल दिया गया। इसलिए, इस विषय पर नारे लगाए जाएंगे।”
रायपुर की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने इससे पहले बजरंग दल रायपुर मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
धर्मांतरण को लेकर एक दिवसीय बंद का आह्वान किया गया था
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर , दक्षिणपंथी समूहों ने छत्तीसगढ़ में कथित धार्मिक धर्मांतरण के विरोध में एक दिवसीय बंद का आह्वान किया गया था, जिसके बाद उन्होंने दावा किया कि राज्य में धर्मांतरण हो रहा है। उसी दिन, लकड़ी के डंडों से लैस एक भीड़ ने लोकप्रिय और पुराने स्थान मैग्नेटो मॉल में घुसकर क्रिसमस की सजावट और अन्य चीज़ों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। मॉल में सांता क्लॉज़, बारहसिंगा, स्लेज और स्नोमैन की आकृतियाँ लगी हुई थीं। वही मॉल तैनात सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे उन पर हावी हो गए।
पुलिस का एक्शन
पुलिस ने बजरंग दल रायपुर तोड़फोड़ मामले में उसी रात, तेलीबांधा पुलिस स्टेशन में 30-40 अज्ञात पुरुषों के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(3), 324(2), 115(2), 191(2) और 190 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें धारा के मुताबिक अतिक्रमण, जानबूझकर नुकसान पहुंचाना या गलत नुकसान पहुंचाने के लिए संपत्ति के मूल्य को कम करना, चोट पहुंचाना, दंगा करना और गैरकानूनी सभा शामिल है।
बजरंग दल रायपुर मामले में 27 दिसंबर को तेलीबांधा पुलिस ने नाबालिग सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया और पांच दिन के लिए जेल में भेज दिया।लेकिन गिरफ्तारी से नाराज होकर, लगभग 300 बजरंग दल के कार्यकर्ता तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के बाहर एक मुख्य सड़क पर बैठ गए और लगभग नौ घंटे तक यातायात बाधित किया। हालांकि इस घटना में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
दरअसल सर्व हिंदू समाज द्वारा 24 दिसंबर को बुलाया गया 'छत्तीसगढ़ बंद' बस्तर क्षेत्र के कांकेर जिले में एक धर्मांतरित परिवार के व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर दो समुदायों के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के कारण भड़का था। लेकिन इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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