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बिहार विधानसभा चुनाव: महासंग्राम की तैयारी

 04 Feb 2026

बिहार विधानसभा चुनाव में आज क्या होगा?


आज 2025 Bihar Legislative Assembly election (बिहार विधानसभा चुनाव) के सघन चरण में एक नया मोड़ देखने को मिलेगा। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार के छोटे-बड़े जिलों तक राजनीतिक हलचल तेज है। आज मुख्य रूप से तीन बड़ी लोकतांत्रिक घटनाएं हो रही हैं: Narendra Modi, Amit Shah और Priyanka Gandhi Vadra आज बड़े जनसभाओं और रोड-शो में हिस्सा लेंगे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के कई जिलों में रोड-शो करेंगे, जिसमें पटना में विशाल जनसभा का आयोजन है।

  • गृहमंत्री अमित शाह ने भी पहले ही दिन में विभिन्न जिलों में रैलियाँ संबोधित की हैं और विपक्ष पर “जंगल राज” की वापसी का भय दिखा रहे हैं।

  • कांग्रेस की प्रमुख नेता प्रियंका गांधी आज तीन अलग-अलग शहरों (सोन्बर्सा, रोसरा, लखीसराय) में रोड-शो करेंगी।

यह समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख आने वाली है।  मतदाता जागरूकता के साथ-साथ राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी गहरी नजर रखे हुए हैं।

राजनीतिक गठबन्धनों का विराट संघर्ष


इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में दो बड़े धड़े सामने हैं: National Democratic Alliance (एनडीए) और INDIA Bloc। दोनों ही गठबन्धन अपनी-अपनी तैयारियों और रणनीतियों को भुनाने में जुटे हैं।

  • एनडीए ने विकास, सुशासन, बुनियादी ढाँचे की योजनाओं को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। अमित शाह ने कहा है कि बिहार को “जंगल राज” की वापसी नहीं होने देंगे।

  • विपक्षी गठबन्धन ने बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, राज्य की पिछड़ी स्थिति और युवा-माइग्रेशन जैसे बुनियादी मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल किया है। प्रियंका गांधी ने यह कहा कि बिहार की आवाज़ सुनी नहीं जा रही है और यह “डबल-इंजन सरकार” सिर्फ नाम की है।

  • दोनों ओर से बड़े-बड़े वादे हो रहे हैं — एनडीए ने पिछले वर्षों में बिहार को दिए गए संसाधनों का हवाला दिया है, वहीं विपक्ष ने यह तर्क दिया है कि उन संसाधनों का सही उपयोग नहीं हुआ।

इस प्रकार, बिहार विधानसभा चुनाव इस बार सिर्फ सीट-संघर्ष नहीं बल्कि विकास बनाम वादों, स्थिरता बनाम बदलाव की लड़ाई भी बन गया है।

मतदान से पहले प्रमुख नेताओं की रणनीतियाँ


मतदान से ठीक पहले राजनीति का तापमान बहुत बढ़ गया है, और मुख्य नेता रैलियों, रोड-शो और जनसभाओं के माध्यम से जनता को गतिशील करने में लगे हैं।

  • प्रधानमंत्री ने पटना में रोड-शो के दौरान युवाओं, महिलाओं और पहले-से वोट देने वालों को संकेत दिए कि “अब बिहार को नई गति” मिलेगी।

  • अमित शाह ने कह दिया है कि इस चुनाव का मतलब सिर्फ विधानसभा नहीं बल्कि बिहार की दिशा तय करना है — “किसके हाथ में राज्य की कमान होगी?” का सवाल उन्होंने voters से पूछा है।

  • प्रियंका गांधी ने अपने रोड-शो में यह मुद्दा उठाया है कि बिहार की जनता ने लंबे समय से परिवर्तन की आशा की है — उन्होंने युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को प्रमुखता दी है।

इन सब के बीच, यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस चुनाव में मतदाता-संख्या, मतदान स्थानों की संख्या, पहली बार वोट देने वाले युवा और वरिष्ठ नागरिकों की संख्या महत्वपूर्ण कारक बन चुकी है।