Article

PM Modi का आरोप: महंगाई के बीच कांग्रेस ने करों का बोझ बढ़ा कर आम जनता को कष्ट दिया

 12 May 2026

अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए PM Modi ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने “भारी करों” के माध्यम से लोगों की जीवन की लागत बढ़ा दी, जबकि उपभोक्ता महंगाई पहले से ही आम आदमी की ज़िंदगी को कठिन बना रही थी। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया है—जैसे जीएसटी सुधार और “GST बचत उत्सव”—ताकि जनता को राहत मिल सके। नीचे तीन मुख्य उप-शीर्षकों के माध्यम से इस घटना की व्यापक समीक्षा की गई है।


क्या कहा PM Modi ने?


सभा में PM Modi ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने जब‑जब सत्ताधारी रही, उसने महँगाई के बीच करों की दरों को लगातार बढ़ाया। उन्होंने कहा,

"Congress govt kept on increasing taxes even as everything got expensive."

मोदी ने जीएसटी सुधारों (GST reforms) का ज़िक्र करते हुए इसे “नेक्स्ट‑जनरेशन जीएसटी” कहा और इस साल के नवरात्रि के प्रथम दिन से लागू सुधारों के कारण जनता को “डबल बॉनँज़ा” मिलने का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी सुधारों से रसोई का बजट कम हो जाएगा, जिससे महिलाओं पर खर्च का बोझ घटेगा। यानी रोजमर्रा की चीज़ों पर टैक्स कम होने से उपभोक्ता राहत महसूस करेगा। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस को ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने नॉर्थ‑ईस्ट (विशेषकर अरुणाचल) कोे नजरअंदाज़ किया, दूरदराज़ इलाकों की कठिन ज़मीन और जंगलों वाले क्षेत्रों में विकास कार्य करना टाल दिया गया।

विकास और जीएसटी‑ सुधारों का दायरा


पीएम मोदी ने इटानगर में ₹5,100 करोड़ से ज़्यादा के विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया या भूमि‑पूजन किया। इनमें बिजली, सड़क‑संयोजन, कन्वेंशन सेंटर आदि शामिल हैं। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार के फायदे बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को तेज़ी से आगे कर रही है। जीएसटी सुधारों का मकसद यह बताया गया कि कर की दरों में सरलता लायी जाए, टैक्स स्लैब कम हो, कई वस्तुओं को कर‑मुक्त किया जाए और जनता की क्रय शक्ति बढ़े।

राजनीतिक और सामाजिक मायने


राजनैतिक प्रतिस्पर्धा: इस तरह की टिप्पणियाँ चुनावी राजनीति का हिस्सा हैं। मोदी का यह आरोप कांग्रेस पार्टी को कर नीति और विकास की गति के मामले में असंगत दिखाने का प्रयास है। जनता में यह संदेश जाएगा कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती, तो हालात और बिगड़े होते।

आर्थिक प्रभाव: महँगाई और करों का बढ़ना आम लोगों की क्रय शक्ति पर असर डालता है। अगर करों की दरें बढ़ती हैं जबकि आय या सुविधाएँ नहीं बढ़तीं, तो जीवन लागत बढ़ती है, और मध्यम वर्ग व निम्न आय वर्ग की इच्छाएँ और आवश्यकताएँ दबाव में आ जाती हैं।

सार्वजनिक धारणा: मोदी ने जीएसटी सुधारों को “उत्सव” रूप में पेश किया, इस तरह की भाषा राजनीतिक पोस्टर‑बोर्ड‑शैली की राजनीति में आम है। इससे समर्थकों में सकारात्मक छवि बनने की कोशिश की जाती है कि सरकार जनता की पीड़ा समझती है और समाधान कर रही है।

क्षेत्रीय विकास की चिंता: नॉर्थ‑ईस्ट क्षेत्र विशेषकर अरुणाचल प्रदेश, अक्सर सड़कों, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है। मोदी की सभा में इन विषयों को उठाना यह बताता है कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को निर्माण कार्यक्रमों के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।