Article

घुसपैठियों के खिलाफ RPF सक्रिय, पिछले 4 वर्षों में 900 से अधिक अवैध प्रवासी पकड़े गए

 29 Jan 2026

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) न केवल यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है, बल्कि वह ट्रेनों के जरिए अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले घुसपैठियों पर भी पैनी नजर रखता है। RPF ने साल 2021 से अब तक 586 बांग्लादेशी नागरिकों और 318 रोहिंग्या सहित कुल 916 लोगों को पकड़ा है, जो उनकी सतर्कता और देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है। आरपीएफ ने पिछले साल जून और जुलाई में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के तहत आने वाले क्षेत्रों में 88 बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को गिरफ्तार किया। इनमें से कई लोगों ने अवैध रूप से भारत में घुसने की बात भी स्वीकार की।


घुसपैठियों का मुख्य माध्यम ट्रेन


अक्टूबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद, अवैध प्रवासी किसी न किसी तरह भारत में घुसने की कोशिश कर ही रहे हैं। ये लोग असम को पारगमन मार्ग के रूप में और रेलवे को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए पसंदीदा यात्रा मार्ग के रूप में उपयोग करते हैं। रेलवे नेटवर्क की निगरानी और सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों को यह घटनाएं स्पष्ट करती हैं। इन घुसपैठियों का रेलवे का उपयोग न केवल राज्यों में उनकी आवाजाही को आसान बनाता है, बल्कि देश में अनधिकृत प्रवेश का पता लगाने और उसे रोकने की कोशिशों को भी जटिल बना देता है। इस मुद्दे को हल करने के लिए, आरपीएफ ने अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), स्थानीय पुलिस और अन्य प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर अपनी कार्रवाइयों को तेज कर दिया है।

आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग


अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच इस प्रकार का सहयोग ऑपरेशन दक्षता में वृद्धि कर रहा है, जिससे अवैध प्रवासियों की शीघ्र पहचान और उन्हें हिरासत में लेने में मदद मिल रही है। हालांकि आरपीएफ को पकड़े गए लोगों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। इन हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अन्य अधिकृत एजेंसियों को सौंपा जाता है। बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में राजनीतिक उथल-पुथल, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सामाजिक-धार्मिक कारणों से भारत के सीमांत इलाकों में शरण, रोजगार और आश्रय की तलाश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

घुसपैठियों से जुड़ी चिंताएं


अवैध प्रवासी अक्सर असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों में जाने के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग करते हैं। घुसपैठ की इन घटनाओं को लेकर आरपीएफ ने इस समस्या को हल करने की चुनौती स्वीकार की है। रेलवे सुरक्षा बल देश की सीमाओं में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह घुसपैठी लोग न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का कारण हैं, बल्कि मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, घरेलू नौकरानी और यौन शोषण जैसी घटनाओं के लिए भी बेहद संवेदनशील हैं।

Read This Also:- दिल्ली पुलिस की बड़ी लापरवाही, लाइसेंसी हथियारों की संख्या में 3,700 का बड़ा फर्क, नहीं पता सही डेटा, जांच जारी