Article
दिल्ली हाई कोर्ट ने मकोका मामले में नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर पुलिस से माँगा जवाब
29 Jan 2026
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और उत्तम नगर के विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। यह मामला महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज किया गया है, और कोर्ट ने पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।
जस्टिस विकास महाजन की अदालत ने यह निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 23 जनवरी को तय कर दी।
बाल्यान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि उन्हें जमानत दी जानी चाहिए, क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और उनकी पत्नी चुनाव लड़ने जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाल्यान "कोई अपराधी नहीं हैं" और उन्हें कम से कम अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए।
पाहवा ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि बाल्यान के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं, जिससे यह साबित हो सके कि वह अपराध में शामिल हैं।
वहीं, दिल्ली पुलिस के वकील ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय की मांग की। पुलिस ने यह तर्क दिया कि मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है और अगर जमानत दी जाती है तो आरोपी जांच में बाधा डाल सकता है। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 23 जनवरी तक स्थगित कर दी।
इससे पहले, निचली अदालत ने 15 जनवरी को बाल्यान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
पुलिस ने निचली अदालत में यह आरोप लगाया था कि बाल्यान के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उनकी जमानत देने से जांच में रुकावट आ सकती है।
बाल्यान को मकोका के तहत 4 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन, निचली अदालत ने उन्हें एक अन्य मामले में, जिसमें उन पर जबरन वसूली का आरोप था, जमानत दी थी। अब, बाल्यान ने उच्च न्यायालय में जमानत की पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसे कोर्ट ने 23 जनवरी को सुनने का निर्णय लिया है।
Read This Also:- चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव स्थगित, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 29 जनवरी के बाद होंगे चुनाव
Read This Also:- चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव स्थगित, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 29 जनवरी के बाद होंगे चुनाव