Article

"भारत को एक परिपक्व विपक्षी नेता की जरूरत": BJP ने राहुल गांधी पर कसा तंज

 09 Feb 2026

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि भारत को अधिक जिम्मेदार और वफादार नेता की आवश्यकता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाटिया ने राहुल गांधी के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा, "राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उनके बयान भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ने की बात करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को ऐसा अंशकालिक और अपरिपक्व नेता मिला है। भारत को एक ऐसा नेता चाहिए जो न केवल जिम्मेदार हो, बल्कि वफादारी के साथ देश की सेवा करे।"


भाटिया ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "राहुल गांधी के शब्द और कार्य बार-बार देश की संप्रभुता को चोट पहुंचाते हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा किया है। उनकी विचारधारा जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों से प्रेरित है, जो भारत की अखंडता को कमजोर करना चाहती हैं। यह उनके द्वारा देश विरोधी ताकतों से धन लेने और उनके हित साधने का स्पष्ट प्रमाण है।"

उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन अब वह विपक्ष के लिए भी कलंक बन चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिल्कुल सही कहा है कि कांग्रेस का इतिहास उन ताकतों को बढ़ावा देने का रहा है, जो कमजोर भारत चाहती हैं। उनके सत्ता के लालच ने हमेशा देश की अखंडता और लोगों के विश्वास से समझौता किया है। लेकिन भारत के लोग अब समझदार हो गए हैं। उन्होंने तय कर लिया है कि वे राहुल गांधी और उनकी सड़ी हुई विचारधारा को पूरी तरह खारिज करेंगे।"

इससे पहले, राहुल गांधी ने पार्टी के नए मुख्यालय 'इंदिरा भवन' का उद्घाटन करते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केवल भाजपा से नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ भी संघर्ष कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "आरएसएस की विचारधारा हमारी विचारधारा से हजारों साल पुरानी लड़ाई लड़ती आ रही है। यह लड़ाई निष्पक्ष नहीं है। अगर आप मानते हैं कि हम केवल एक राजनीतिक संगठन भाजपा या आरएसएस से लड़ रहे हैं, तो आप गलत हैं। भाजपा और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है।" 

उन्होंने मीडिया और अन्य संस्थाओं की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमारे देश की संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं या नहीं, इसका हमें पता नहीं। यह पूरी तरह स्पष्ट है कि मीडिया स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहा। लोगों को भी यह बात समझ में आने लगी है।" भाजपा और कांग्रेस के बीच यह तीखी बयानबाजी राजनीतिक माहौल को और गरमा रही है। जहां भाजपा कांग्रेस पर देश विरोधी ताकतों से मिलीभगत का आरोप लगा रही है, वहीं राहुल गांधी आरएसएस और भाजपा पर संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए अपनी लड़ाई को वैचारिक संघर्ष बता रहे हैं।

Read This Also:- मिल्कीपुर उपचुनाव: सपा, भाजपा के बाद अब चंद्रशेखर आजाद ने भी उतारा उम्मीदवार, अखिलेश को हो सकता है नुक़सान