भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष केवल भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ रहा है, बल्कि वह भारतीय राज्य को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा उन ताकतों के साथ रहा है जो भारत को कमजोर देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का इतिहास उन ताकतों को बढ़ावा देने का रहा है जो एक कमजोर भारत चाहते हैं। सत्ता के लिए उनके लालच का मतलब देश की अखंडता से समझौता करना और लोगों के विश्वास को धोखा देना था। लेकिन, भारत के लोग समझदार हैं और उन्होंने यह तय कर लिया है कि वे हमेशा श्री राहुल गांधी और उनकी विचारधारा को खारिज करेंगे।”
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी की भारत पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि जॉर्ज सोरोस द्वारा पूर्व नियोजित प्रयोग और प्रायोजित खेल है। उन्होंने कहा, “आज राहुल ने सार्वजनिक रूप से बता दिया कि मोदी और सोनिया गांधी से लड़कर वे देश को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि जॉर्ज सोरोस द्वारा पूर्व नियोजित प्रयोग और प्रायोजित खेल है। बीजेपी और भारत के खिलाफ उनका यह अभियान पहले से ही प्लान किया गया है।”
भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। पार्टी नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का कलंकित अतीत उसे ऐसे सवाल पूछने की अनुमति नहीं देता। कांग्रेस पहले भी ऐसे मुद्दे उठा चुकी है, लेकिन हाल ही में हुए लोकसभा और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लोगों में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बढ़ रहा है। इसलिए, उनकी बेतुकी बातें अब लोग मानने वाले नहीं हैं।”
इससे पहले राहुल गांधी ने पार्टी के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन करते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम भारतीय राज्य और उसकी संस्थाओं को भी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आरएसएस की विचारधारा हजारों साल पुरानी है, और यह हमसे हजारों सालों से संघर्ष कर रही है। अगर आप यह सोचते हैं कि हम एक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा या आरएसएस कहते हैं, तो आप यह नहीं समझ पाए कि भारत में क्या हो रहा है। भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम उनके खिलाफ लड़ रहे हैं। यह स्पष्ट है कि हमारी संस्थाएं स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रही हैं। लोगों को भी पता है कि मीडिया अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है।”
कांग्रेस सांसद ने चुनाव आयोग पर भी हमला किया है। उन्होंने कहा, “मैंने साफ तौर पर कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में कुछ गड़बड़ हुई है। हम चुनाव आयोग के काम करने के तरीके से असहज हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक लगभग एक करोड़ नए मतदाता सामने आए हैं, जो समस्या पैदा करता है। चुनाव आयोग का यह कर्तव्य है कि वह विधानसभा चुनाव में मतदान करने वालों के नाम और पते के साथ मतदाता सूची उपलब्ध कराए।” राहुल गांधी की यह टिप्पणी कांग्रेस और भाजपा के बीच एक नए सिरे से संघर्ष को जन्म दे चुकी है।