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मायावती ने जन्मदिन पर कांग्रेस को आरक्षण मुद्दे पर दी चुनौती, बीजेपी और सपा पर भी हमला बोला
10 Feb 2026
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने 69वें जन्मदिन पर आरक्षण को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और सपा सहित अन्य विपक्षी दलों पर भी तीखे प्रहार किए। दिल्ली विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे दिल्ली और उसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी की मजबूती के लिए जुट जाएं, यही उनके जन्मदिन का असली तोहफा होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की अपनी-अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में उलझी रहती हैं। ऐसे में इस चुनाव में जनता को आप, भाजपा और कांग्रेस के लुभावने वादों से सावधान रहना होगा। इस मौके पर उन्होंने ‘मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ नामक पुस्तक का नया संस्करण भी लॉन्च किया।
मायावती ने कहा कि दिल्ली की जनता को अगर आप, केंद्र सरकार और कांग्रेस से मुक्ति चाहिए, तो उन्हें बसपा के उम्मीदवारों का समर्थन करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सरकारी नौकरियों के आरक्षण को कोर्ट-कचहरी की आड़ में काफी हद तक निष्प्रभावी बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी के साथ-साथ ओबीसी को भी आरक्षण का पूरा लाभ नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने तो सही समय आने पर इनके आरक्षण को ही खत्म करने का एलान कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा समय-समय पर नीले कपड़े पहनकर संविधान की प्रति दिखाना नाटक नहीं तो और क्या है?
मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर, आकाश आनंद भी मौजूद रहे। अपने जन्मदिन पर पिंक ड्रेस में काफी खुश नजर आ रहीं बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा कि दूसरे दलों की नीति और नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यूपी में चार बार की बसपा सरकार ने गरीबों और दलितों के लिए जो योजनाएं चलाई, उन्हें आज कई राज्य सरकारें भी अपनाती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी दल बसपा के दलित वोट बैंक को तोड़ने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा, कांग्रेस और भाजपा इसमें लगी हैं। इनसे सावधान रहना जरूरी है। मायावती ने कहा कि ये सभी पार्टियां जातिवादी हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से लेकर अन्य दलित चिंतकों की गंभीर अवहेलना की गई है। वहीं, भाजपा भी पीछे नहीं रही है। मायावती ने कहा कि इनकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि आज अल्पसंख्यक समुदाय भी अपनी स्थिति को दबा हुआ महसूस कर रहा है। जनता गरीबी और बेरोजगारी से त्रस्त है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और दलितों को कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियों से सतर्क रहने की नसीहत दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी को अपने आंदोलन को मजबूत करने में जुटना होगा। यही उनके जन्मदिन का असली तोहफा होगा।
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