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गाजियाबाद में गोकशी पर भड़के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर, इस्तीफे की दी धमकी

 10 Feb 2026

उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर इन दिनों गाजियाबाद के लोनी और आसपास के क्षेत्रों में गोकशी के आरोपों को लेकर गुस्से में हैं। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी कि यदि स्थिति ऐसी ही रही, तो वह अपनी विधायकी से इस्तीफा दे देंगे और पद से मुक्त होकर इस लड़ाई में कूदेंगे। यह बयान उन्होंने तब दिया जब गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में गौवंश के अवशेष मिले थे। इसके बाद नंद किशोर गुर्जर तुरंत मौके पर पहुंचे और वहां तैनात पुलिसकर्मियों से तीखे सवाल पूछते नजर आए। गुर्जर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "लगता है गाजियाबाद के एक बड़े अधिकारी ने यह तय कर लिया है कि वह समाजवादी पार्टी का एजेंट बनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को खराब करेंगे। अब उनके लिए गौहत्या और तस्करी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। 


यह घटनाएं अब गाजियाबाद के लिए एक सामान्य बात बन गई हैं। गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में बड़े नेताओं के गौमांस स्टोरेज हाउस खुलेआम चल रहे हैं, और यह सब गाजियाबाद के एक बड़े अधिकारी के संरक्षण में हो रहा है।" नंद किशोर गुर्जर ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2018 के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि यदि गौहत्या की घटना होती है तो संबंधित जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस आदेश को याद करते हुए कहा, "अगर अधिकारियों का उद्देश्य मुख्यमंत्री की छवि को गिराना है तो यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। गाजियाबाद में मुख्यमंत्री के आदेशों को अब कोई अहमियत नहीं दी जा रही, और इन आदेशों को गाजियाबाद के एक आईपीएस अधिकारी के आदेशों के तहत ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।" इसके बाद, नंद किशोर गुर्जर ने गुस्से में आकर अधिकारियों को चेतावनी दी और इस्तीफे की धमकी दी। उन्होंने कहा, "यहां के सभी अधिकारी भ्रष्ट हैं, ऊपर तक पैसा खा रहे हैं। लखनऊ में बैठे कुछ अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। 

यह सब अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक साल के भीतर इन अधिकारियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए, लेकिन जब हालात इस हद तक खराब हो जाएं, तो फिर मुझे कहना पड़ता है। अगर स्थिति वैसी ही रही तो मैं विधायकी से इस्तीफा दे दूंगा और इस मुद्दे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू करूंगा। थानों और चौकियों को बंद कराकर सब ठीक कर दूंगा। मैं संवैधानिक पद पर हूं, लेकिन अगर यह स्थिति नहीं बदलती तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता— मुझे जेल भेजो, गोली मारो, मुझे इसकी परवाह नहीं है।" गुर्जर ने कहा, "पहले गाजियाबाद में गौहत्या और तस्करी की हिम्मत किसी को नहीं होती थी, लेकिन अब यह स्थिति बदली हुई है। 

अब यहां जिहादी ताकतों ने माहौल को इस हद तक खराब कर दिया है कि अब गौमांस की तस्करी और गौहत्या आम बात हो गई है।" उन्होंने साफ तौर पर यह भी कहा कि गाजियाबाद में इन गतिविधियों पर काबू पाने के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से संघर्ष करना पड़ेगा और यह उनका कर्तव्य है कि वह समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश करें। गुर्जर के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है और यह मुद्दा तूल पकड़ रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर गंभीर कार्रवाई करेंगे या फिर यह विवाद आगे भी यूं ही बढ़ता रहेगा।

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