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Delhi Poll: ख़ालिस्तानी हमले के ख़तरे के बीच केजरीवाल ने कहा- ‘भगवान उनके साथ हैं, ऊपर वाला ही बचाएगा!’

 11 Feb 2026

दिल्ली विधानसभा चुनावों के बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। इस बार, खलिस्तानी संगठन से उनकी जान को खतरे का इनपुट सामने आया है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में कहा गया है कि केजरीवाल पर हमले की साजिश हो सकती है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। इसके बावजूद, बुधवार को जब केजरीवाल अपना नामांकन दाखिल करने के लिए घर से बाहर निकले, तो उनसे इस सुरक्षा खतरे के बारे में सवाल किया गया। 


इस पर केजरीवाल ने बेहद शांतिपूर्वक और आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, "ऊपर वाला ही बचाएगा," और आगे कहा, "।" खलिस्तानी हमले के खतरे के बीच केजरीवाल ने अपने दिल में पूरी उम्मीद बनाए रखते हुए यह भी कहा, "जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। (हाथों की रेखा दिखाते हुए) जब तक लाइफलाइन है, तब तक जिंदा रहेंगे, जिस दिन लाइफलाइन खत्म हो जाएगा, उस दिन ऊपरवाला उठा लेगा।" उनका यह बयान न केवल उनके आस्थावान स्वभाव को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वह इस चुनौती के बावजूद पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और भगवान पर अपनी आस्था रखते हैं।

 सुरक्षा अलर्ट और समीक्षा


अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आई खलिस्तानी संगठन से जुड़ी धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। पुलिस विभाग ने इन खतरों को गंभीरता से लेते हुए केजरीवाल के लिए पहले से दी गई ज़ेड-प्लस सुरक्षा को और सख्त किया है। हालांकि, केजरीवाल को पहले से ही उच्चस्तरीय सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन इस नई जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट मोड पर आकर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का फैसला लिया है। दिल्ली पुलिस की खुफिया इकाइयों द्वारा दिए गए इनपुट के मुताबिक, खलिस्तानी संगठन से जुड़ा एक समूह अरविंद केजरीवाल पर हमला करने की योजना बना सकता है। यह जानकारी चुनावों के दौरान और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, जब नेताओं की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता बन जाती है। दिल्ली में सुरक्षा के तगड़े इंतजामों के बावजूद इस तरह के इनपुट मिलने के बाद केजरीवाल की सुरक्षा को और भी बढ़ाया गया है। 

 पिछले हमले और सुरक्षा में बदलाव


अरविंद केजरीवाल पर हमले की घटनाएं नई नहीं हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही कई बार उन पर हमला हुआ है। 2019 में, जब लोकसभा चुनाव चल रहे थे, केजरीवाल दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान एक युवक के हाथों थप्पड़ खा चुके थे। यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे और अचानक एक युवक ने उनके पास पहुंचकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। यह हमला मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना था और इसके बाद उनके सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई थी। इसके अलावा, 2014 में गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान भी अरविंद केजरीवाल पर हमला हुआ था। इस दौरान उनकी कार के शीशे तोड़ दिए गए थे। उस समय केजरीवाल गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे थे और इस हमले के बाद उन्होंने सुरक्षा की सख्त मांग की थी। लेकिन यह हमला सिर्फ वह नहीं था। उसी साल के लोकसभा चुनावों के दौरान वाराणसी में भी केजरीवाल पर स्याही और अंडों से हमला किया गया था। उस हमले ने यह दिखाया था कि उनके खिलाफ विरोध और हमलों का सिलसिला लगातार जारी रहा है, लेकिन केजरीवाल ने इन हमलों को नजरअंदाज करते हुए हमेशा अपने उद्देश्य को प्राथमिकता दी और जनता के बीच अपनी सशक्त उपस्थिति बनाए रखी।

सुरक्षा के बावजूद चुनौती


अरविंद केजरीवाल पर हुए इन हमलों से यह साफ हो गया है कि उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है, लेकिन इन खतरों के बावजूद उनका आत्मविश्वास कभी कमजोर नहीं हुआ। उन्होंने हमेशा अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और समय-समय पर सुरक्षा एजेंसियों से बेहतर सुरक्षा की मांग की। उनके ऊपर हुए हमलों ने यह दिखाया कि राजनीति में कोई भी व्यक्ति कभी भी खतरे में पड़ सकता है, लेकिन अगर किसी के पास मजबूत आस्था और आत्मविश्वास हो, तो वह इन चुनौतियों का सामना कर सकता है। 

 चुनावों के बीच सुरक्षा पर ध्यान


चुनावों के दौरान नेताओं की सुरक्षा का सवाल और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। अरविंद केजरीवाल पर इस तरह के खतरे का अलर्ट आना यह दर्शाता है कि सुरक्षा के साथ-साथ चुनावी माहौल में तनाव भी बढ़ सकता है। इस स्थिति में, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक चुनौती बन गई है कि वे नेताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए चुनावी प्रक्रिया को निर्बाध रूप से जारी रखें। अरविंद केजरीवाल की यह स्पष्टता और उनके विश्वास से भरा बयान यह साबित करता है कि वह किसी भी चुनौती से डरते नहीं हैं। वह अपने कार्यों में दृढ़ हैं और यह उनकी आस्था का ही परिणाम है कि वह हर संकट का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।