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मार्क जकरबर्ग पर भारी पड़ेगी गलत जानकारी, संसदीय समिति करेगी मेटा को समन

 19 Feb 2026

फेसबुक के फाउंडर और मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसदीय समिति मेटा, फेसबुक की पैरेंट कंपनी को समन करने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी आईटी और कम्युनिकेशन मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष, निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट के जरिए साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, "हमारी समिति मेटा को इस गलत जानकारी के लिए बुलाएगी। किसी भी लोकतांत्रिक देश में गलत सूचना से देश की छवि खराब होती है। इस गलती के लिए भारतीय संसद और जनता से उस संस्था को माफी मांगनी होगी।"


इस मामले में पहले ही आईटी और कम्युनिकेशन मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मार्क जकरबर्ग को जवाब दिया है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत ने 2024 में चुनाव कराए, जिसमें 64 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। भारतीय जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही एनडीए सरकार पर विश्वास जताया। उन्होंने लिखा, "मार्क जकरबर्ग का दावा कि भारत समेत दुनिया की कई सत्ताधारी सरकारों ने कोविड के बाद हुए चुनाव हारे हैं, गलत है।"

असल में, मार्क जकरबर्ग ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि कोविड के बाद दुनिया भर की कई सरकारें 2024 के चुनाव में हारी हैं, जिनमें भारत भी शामिल है। मार्क ने ये बयान Joe Rogan के पॉडकास्ट में दिया था। उन्होंने कहा कि सरकारों की ये हार यह दर्शाती है कि लोगों का विश्वास कोविड महामारी के बाद कम हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने, महामारी से जुड़ी आर्थिक नीतियां और सरकारों ने कोविड-19 को किस प्रकार संभाला, इसकी वजह से लोगों का विश्वास कम हुआ है। 

हालांकि, उनका यह दावा भारत के संदर्भ में गलत है, जिसके कारण उनकी आलोचना हो रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी X पर पोस्ट करते हुए मेटा को टैग किया। उन्होंने लिखा कि मार्क जकरबर्ग का खुद गलत जानकारी देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, निशिकांत दुबे ने इस मामले में मेटा को समन करने की बात कही है।

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