दिल्ली का चुनावी संघर्ष अब और भी उफान पर आ गया है, क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के बीच एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दोनों पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं। इस बार भाजपा के पूर्व सांसद और नई दिल्ली से उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार पर झुग्गीवासियों को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया। वर्मा ने सोमवार को कहा कि यदि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है, तो वे अपनी पहली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित कर देंगे, जिसके तहत दिल्ली के झुग्गीवासियों को पक्के मकान आवंटित किए जाएंगे।
वर्मा ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने झुग्गीवासियों के हितों की अनदेखी की और पहले कांग्रेस सरकार के समय जो मकान तैयार हुए थे, वे भी झुग्गीवासियों को नहीं दिए गए। इसके बाद, उन्होंने इन झुग्गियों को तोड़कर इनसे 70,000 से 1 लाख रुपये तक की आवेदन राशि वसूली। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने गरीबों को पक्के मकान देने से मना कर दिया और उनकी सरकार ने कई झुग्गी बस्तियों को तोड़ने का काम किया।
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा, "भा.ज.पा. सरकार के सत्ता में आने पर हम झुग्गीवासियों को 8,000 फ्लैटों की चाबियां देंगे, जो लंबे समय से आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने भारती नगर के झुग्गीवासियों की स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आप सरकार ने पक्के मकान तो नहीं दिए, लेकिन जिन फ्लैट्स का निर्माण हुआ था, उनकी चाबियां झुग्गीवासियों को नहीं सौंपी गईं।
उन्होंने कहा कि यह साफ दिखाता है कि केजरीवाल और उनकी सरकार ने केवल वोट बैंक की राजनीति की है, जबकि झुग्गीवासियों की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज किया।
वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने जिन इलाकों में जैसे सावदा घेवरा और बापरोला में तैयार 8,000 फ्लैटों की चाबियां देने की कोई कोशिश नहीं की, और इसके बजाय झुग्गीवासियों के लिए बने मकानों को उन्होंने अन्य कारणों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जब केजरीवाल ने गरीबों के लिए पक्के मकानों की सुविधा देने से मना कर दिया, तो उसी समय उन्होंने खुद के लिए पांच बंगले तोड़े और वहां एक आलीशान 'शीश महल' बनवाया।
भा.ज.पा. नेता ने यह भी आरोप लगाया कि आप सरकार के दिशा-निर्देश पर ही झुग्गियां तोड़ी गईं। वर्मा ने कहा कि झुग्गीवासियों को उनके ही मकानों से बेदखल कर दिया गया, जबकि केजरीवाल अपनी चुनावी राजनीति में व्यस्त रहे।
उन्होंने केजरीवाल से यह भी सवाल किया कि वे अपने वादे के अनुसार आगामी चुनाव में भाग क्यों नहीं छोड़ते, क्योंकि वे लगातार झुग्गीवासियों के खिलाफ झूठ बोल रहे हैं।
वहीं, भारती नगर झुग्गी-झोपड़ी की एक महिला ने बताया कि वह पिछले दस सालों से पक्के मकान के आवंटन का इंतजार कर रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। इस महिला ने कहा कि वह केवल सरकार से यह चाहती हैं कि उन्हें एक पक्का घर मिले, ताकि वह अपने बच्चों को बेहतर जीवन दे सकें।
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि दिल्ली का सियासी माहौल और भी तेज हो चुका है, जहां सभी पार्टियां अपनी जीत को लेकर बेहद आश्वस्त हैं और जनता को अपनी ओर खींचने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। झुग्गीवासियों के मुद्दे पर सियासत का खेल तेज होने के साथ ही यह देखना होगा कि आगामी चुनावों में जनता किसे सत्ता सौंपती है।
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