दिल्ली विधानसभा चुनावों के बीच, बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा को चुनाव आयोग से राहत मिली है। आयोग ने कहा है कि उनकी जांच में किसी भी नियम के उल्लंघन का कोई प्रमाण नहीं मिला। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि आरोपों में चादरें, जूते, चश्मे और जैकेट जैसी वस्तुओं के वितरण से संबंधित कोई सच्चाई नहीं पाई गई है। इन दावों को प्रमाणित करने के लिए कोई विश्वसनीय साक्ष्य, जैसे कि सचित्र प्रमाण या गवाही, उपलब्ध नहीं है।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रवेश वर्मा के खिलाफ शिकायत की थी, जिसमें उन पर वोटरों को पैसे बांटने का आरोप लगाया गया था। प्रवेश वर्मा को राहत मिलने पर आप की ओर से प्रतिक्रिया आई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने कहा है कि जांच में उनसे कोई सबूत और गवाह नहीं मांगे गए। यह पूरी जांच केवल खानापूर्ति है, जो जिला अधिकारी और SHO (स्टेशन हाउस ऑफिसर) ने की है, जो दोनों बीजेपी से जुड़े हुए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की जांच से कुछ भी हाथ नहीं लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रवेश वर्मा पर क्या हैं आरोप?
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट पर महिलाओं को 1,100 रुपये बांटने के लिए प्रवेश वर्मा की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उनके पिता को उनके जैसे बेटे पर शर्म आनी चाहिए। इसके अलावा, आप ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव से पहले पैसे बांटे जा रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि एजेंसी वर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करे। प्रवेश वर्मा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह पैसा उनके पिता, साहिब सिंह वर्मा द्वारा स्थापित सामाजिक संगठन 'राष्ट्रीय स्वाभिमान' द्वारा महिलाओं को दिया गया था। उन्होंने कहा कि वह आगे भी जरूरतमंद महिलाओं की मदद करते रहेंगे।
पुलिस को भेजा गया मामला
इससे पहले नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने आप द्वारा प्रवेश वर्मा पर लगाए गए आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए मामला पुलिस को भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आप के कानूनी प्रकोष्ठ और केजरीवाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि बीजेपी और वर्मा द्वारा 1100 रुपये बांटे गए हैं।
निर्वाचन अधिकारियों ने अलग-अलग रिपोर्ट में कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की जांच के लिए गठित उड़न दस्तों को कोई शिविर या पर्चे नहीं मिले, जैसा कि आप ने आरोप लगाया था। नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भेजी गई कार्रवाई रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस अधिकारियों को रोजगार शिविर लगाने और 1100 रुपये बांटने के आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया कि 15 जनवरी को रोजगार शिविर आयोजित करने के विरुद्ध निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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