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South Africa: अवैध खनन के दौरान 100 मजदूरों की मौत, कई दिनों से फंसे हुए थे खदान में

 26 Feb 2026

दक्षिण अफ्रीका के उत्तर पश्चिम प्रांत में एक खतरनाक हादसा सामने आया है, जिसमें अवैध खनन करने वाले करीब 100 मजदूरों की मौत हो गई है। यह हादसा उस सोने की खदान में हुआ, जो लंबे समय से खाली पड़ी थी और जहां अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। ये मजदूर महीनों तक खदान के अंदर फंसे रहे और प्रशासन की बचाव कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। एक माइनर्स ग्रुप ने दावा किया है कि इस घटना में कम से कम 100 लोगों की जान गई है, हालांकि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 


सबेलो मनगुनी, जो माइनर्स के एक ग्रुप के प्रवक्ता हैं, ने बताया कि खदान में फंसे कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने के बाद मोबाइल फोन के जरिए मदद के लिए संदेश भेजे। इन संदेशों के साथ दो वीडियो भी भेजे गए, जिनमें खदान के अंदर पड़े हुए शवों को देखा जा सकता है। वीडियो में शवों को प्लास्टिक में लपेटा हुआ देखा गया और वे खदान के अंदर इधर-उधर बिखरे हुए थे। यह घटना उस खदान में हुई, जिसे पिछले कुछ समय से खनन कंपनियों ने बंद कर दिया था। अवैध खनन करने वाले मजदूरों को लगा कि वे इस खदान में कुछ सोना पा सकते हैं, जिसे खनन कंपनियों ने छोड़ दिया था। खदान के अंदर का हाल बेहद विकट था, और वहां फंसे मजदूरों को जीवन बचाने के लिए किसी भी मदद की सख्त आवश्यकता थी। अधिकारियों ने नवंबर में पहले बचाव अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन तब तक कई मजदूर भूख और डिहाइड्रेशन से गंभीर हालत में पहुंच चुके थे। 

अब तक 18 शवों को खदान से बाहर निकाला जा चुका है, और माइनर्स कम्युनिटी के सदस्यों ने भी 9 शव निकाले हैं। इसके अलावा, एक बड़ी राहत की बात यह है कि 26 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हालांकि, पुलिस प्रवक्ता ब्रिग सेबाटा मोगवाबोन ने यह भी कहा कि वे अभी तक यह नहीं जान पाए हैं कि कितने शव खदान से बाहर निकाले गए हैं और कितने लोग बच सके हैं। दक्षिण अफ्रीका में ऐसी घटनाएं कोई नई नहीं हैं, क्योंकि कई बार खनन कंपनियां खदानों को छोड़ देती हैं और बाद में उन खदानों में अवैध खनन शुरू हो जाता है। इन खदानों में माइनर्स को लगता है कि वे थोड़ा सा सोना पा सकते हैं, जिसे कंपनी ने खनन के दौरान छोड़ दिया है। इस विश्वास में कई माइनर्स खदानों में घुस जाते हैं, लेकिन यह बहुत खतरनाक साबित होता है। यही कारण है कि प्रशासन ने इन खदानों को छोड़ने की चेतावनी दी थी, लेकिन कई माइनर्स ने अपनी जान जोखिम में डालकर इन खदानों में घुसने का फैसला किया। 

इसका परिणाम यह हुआ कि यह भयंकर हादसा घटित हुआ। वीडियो में खदान के अंदर पड़े शवों का दृश्य बहुत ही भयावह था। इन शवों को प्लास्टिक में लपेटकर खदान में बिखरा हुआ दिखाया गया, और उस स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि इन मजदूरों के पास बहुत ही सीमित संसाधन थे और उनकी स्थिति कितनी दयनीय हो सकती थी। वीडियो में कुछ लोग यह उम्मीद करते दिखे कि शायद उन्हें बचा लिया जाएगा, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। 

इसके साथ ही, प्रशासन ने माइनर्स से बार-बार चेतावनी दी थी कि वे इन abandoned खदानों में न जाएं, लेकिन रिस्क लेने की भावना के कारण लोग अंदर घुस गए, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। दक्षिण अफ्रीका में इस प्रकार की घटनाएं बहुत गंभीर सवाल उठाती हैं, जैसे कि खदानों को क्यों खुले छोड़ दिया जाता है, जबकि इनकी देखरेख की जानी चाहिए। इसके अलावा, अवैध खनन को रोकने के लिए क्या और कदम उठाए जा सकते हैं? प्रशासन को इस पर गंभीर विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके और खनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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