राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीति की ज़मीन पूरी तरह तैयार हो चुकी है। वर्तमान सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले ही सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब तक 59 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है। इन दोनों दलों के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के बीच, कांग्रेस भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
लेकिन इस चुनावी रणभूमि में एक नया मोड़ आता है, जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने खुद को एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में पेश करने की कोशिश की है। खासतौर पर, पार्टी ने शाहरुख पठान और अंकित शर्मा हत्या मामले में आरोपित पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और शिफा उर रहमान को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, पार्टी अब करावल नगर विधानसभा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार कपिल मिश्रा के खिलाफ भी प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है।
AIMIM का करावल नगर पर फोकस
AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर शोएब जमई ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा, "करावल नगर में 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है, और हम पहले भी वहां पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। हमारा संगठन वहां मजबूत है, और हमें वहां एक अच्छा ऑप्शन देना चाहिए।" शोएब जमई ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी ने करावल नगर और सीलमपुर सीटों पर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस से यह अपील की कि यदि वे सच में नफरत को हराना चाहते हैं, तो उन्हें ओखला और मुस्तफाबाद में AIMIM का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी हमारे पार्षद उम्मीदवार से भी कम वोट प्राप्त कर पाया था।
इसी बीच, AIMIM के सूत्रों ने यह जानकारी दी कि पार्टी ओखला सीट से कांग्रेस की दावेदार रही पूर्व पार्षद इशरत जहां को भी टिकट देने पर विचार कर रही है। इशरत जहां पहले भी AIMIM के संपर्क में रही हैं, और यदि कांग्रेस उन्हें टिकट नहीं देती है, तो AIMIM उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का मन बना सकती है।
कांग्रेस में ओखला सीट पर घमासान