दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए बिहार और यूपी से जुड़े बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब इस बयान पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने उनके बचाव में मोर्चा संभाल लिया है। तेजस्वी यादव ने केजरीवाल के बयान को वोटर लिस्ट में मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ मुद्दा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा, "यह तो वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का सामान्य मामला है, और ऐसी प्रक्रिया चुनावों में कई बार होती है। महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनावों के दौरान लाखों वोट अंतिम समय में जोड़े गए थे। यह सिर्फ एक तकनीकी प्रक्रिया है, इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।"
अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि यूपी और बिहार से लोगों को दिल्ली लाकर फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया था कि बीजेपी दिल्ली की चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रही है और इस तरीके से वोटरों की संख्या में हेरफेर कर रही है।
इसके बाद केजरीवाल बीजेपी और एनडीए के नेताओं के निशाने पर आ गए। खासकर यूपी और बिहार के एनडीए नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की है और उनके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि दिल्ली किसी एक पार्टी या व्यक्ति की निजी जागीर नहीं है, और केजरीवाल को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी केजरीवाल के बयान की निंदा करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित आरोप बताया और कहा कि ऐसा बयान बिहार और यूपी के लोगों का अपमान करने वाला है।