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बिहार में ‘DK टैक्स’ के जरिए प्रशासनिक वसूली का खेल, तेजस्वी यादव ने खोला राज

 16 Mar 2026

हाल ही में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का एक बयान बिहार की सियासत में गरमा गया है। तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान ‘डीके टैक्स’ का जिक्र किया, जो इशारों-इशारों में कुछ गंभीर आरोपों की ओर इशारा करता है। उनके इस बयान ने बिहार में नई हलचल मचा दी है, और सभी इस बात को जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ‘डीके टैक्स’ का मतलब क्या है।


तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर तीखा हमला


बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में ना तो पुलिस मुख्यालय (डीजीपी) सही तरीके से चल रहा है, और ना ही मुख्य सचिव की कोई भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में रिटायर्ड अधिकारी ही प्रशासन चला रहे हैं और यहां भ्रष्टाचार का एक ठप्पा लग चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में सिर्फ ‘डीके टैक्स’ का बोलबाला है, यानी वसूली की माफियागीरी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पूरी तरह से वसूली हो रही है और अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में गड़बड़झाला किया जा रहा है। काबिल और ईमानदार अधिकारियों को जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक अराजकता करार दिया और कहा कि प्रशासन की स्थिति इतनी बदहाल हो चुकी है कि मंत्री और विधायक भी सिर्फ कठपुतली बनकर रह गए हैं।

तेजस्वी यादव ने क्यों किया ‘डीके टैक्स’ का जिक्र?


तेजस्वी यादव ने अपने इस बयान में स्पष्ट तौर पर किसी नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार की बात की, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि वह किसी बड़े अधिकारी या नेता के नाम की तरफ इशारा कर रहे हैं। इससे पहले भी बिहार में कई बार ‘RCP टैक्स’ जैसे शब्द चर्चा में आए थे, जो एक तरह से नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है।

उनके इस बयान के बाद से राजनीति में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं, और सभी इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि ‘डीके टैक्स’ आखिर किसका नाम हो सकता है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अपनी बात रखी और लिखा, “बिहार में प्रशासनिक अराजकता फैल चुकी है। मुख्य सचिव और डीजीपी का पद अब सिर्फ दिखावे का रह गया है। अधिकारी अब रिटायर्ड आईएएस के हवाले हो चुके हैं और सरकार वसूली माफियाओं के सामने विवश नजर आ रही है।”

बिहार में भ्रष्टाचार का नया अध्याय?


तेजस्वी यादव के इस बयान ने बिहार में भ्रष्टाचार और वसूली के मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है। उनकी बातों से यह साफ है कि बिहार में कई बड़े नेताओं और अधिकारियों का नाम भ्रष्टाचार के मुद्दे में आने वाला है। अब यह देखना होगा कि बिहार की सियासत इस नई चर्चा को कैसे झेलती है और इससे क्या राजनीतिक असर पड़ता है।

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